जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नीट पेपर लीक के घटनाक्रम को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना तो सदा ही साथ मानेसर कांड की फिर याद दिलाई । गहलोत ने प्रधान को मानेसर कांड का मुख्य किरदार बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी सरकार के समय जो मानेसर कांड हुआ था, धर्मेंद्र प्रधान तब मानेसर कांड मैनेजमेंट के मुख्य किरदार थे। किरदार तो और भी बड़े-बड़े थे, लेकिन मुख्य किरदार वही थे। इसलिए मैं उनके बारे में क्या बात करूं। अगर मैं कुछ कहूंगा तो फिर कहेंगे कि मेरे खिलाफ जानबूझकर बोल रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने केंद्रीय शिक्षा मंंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नीट पेपर ऑनलाइन करने के सवाल पर कहा कि उन्होंने किस रूप में यह बात कही, वही जानें कि वो इसे लागू कर पाएंगे या नहीं। गहलोत ने कहा कि 2026 ही नहीं, बल्कि 2024-25 का नीट पेपर भी लीक हुआ था। तब कुछ लोगों ने इसका फायदा उठाया था. मोदी राज में कोई घोटाला हो जाए, कोई पेपर लीक हो जाए, इससे इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इन्हें जनता की कोई चिंता नहीं है।
इन्हें गुड गवर्नेंस से कोई मतलब नहीं है। यह केवल हिंदू के नाम पर राजनीति कर चुनाव जीतना चाहते हैं, लेकिन अब हिंदू भी इनको सहन नहीं करेंगे। वो भी समझ गए कि हिंदुओं को क्या मिल रहा है. हिंदुओं के नाम पर चुनाव जीत रहे हैं। हिंदुओं का कोई भला नहीं हो रहा है। जब महंगाई बढ़ती है तो नुकसान हिंदुओं को भी हो रहा है. ये केवल धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं, जो देश के लिए खतरनाक है।
गहलोत ने कहा कि मोदी सरकार ने 2026 नीट पेपर की जांच सीबीआई को दी। अगर इनमें हिम्मत है तो वर्ष 2024 और 25 की भी सीबीआई को जांच दे दी जाए तो सब पता चल जाएगा कि इसके पीछे कौन है?। एनटीए को भंग कर देना चाहिए, क्योंकि यह एजेंसी परीक्षा ढंग से नहीं करवा पा रही है। बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं। पेपर कराने का अधिकार पहले राज्यों के पास था। यह अधिकार वापस उन्हें दे देना चाहिए।
पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी को लेकर पूर्व सीएम बोले- राहुल गांधी ने बंगाल चुनाव के दौरान कह दिया था कि चुनाव समाप्त होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में लोगों से बचत की बात कही, तभी लोग समझ गए कि कीमतें बढ़ने वाली है। गहलोत ने कहा कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब 120 डॉलर प्रति बैरल क्रूड ऑयल था. मनमोहन सिंह ने तब भी पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़ने दिए। तब नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे, तब महंगाई पर खूब बात करते थे। जब सत्ता में आए तब क्रूड ऑयल 60 डालर प्रति बैरल हो गया उसके बावजूद कीमतें कम नहीं की।
राज्यों को जो एक्साइज ड्यूटी मिलती थी, उसे बंद कर दिया। अब राज्यों को इसमें हिस्सा नहीं मिल रहा। केंद्र ने गरीबों को कोई राहत नहीं दी, केवल कांग्रेस को बदनाम करने के लिए जुमलेबाजी करते रहे. महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। मोदी सरकार की सोच गरीब और मध्यम वर्ग विरोधी है। पूंजीपतियों को तो इससे फर्क नहीं पड़ने वाला है
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने जोधपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में नहीं बुलाने पर कहा कि मुझे नहीं बुलाकर आयोजकों ने कार्यक्रम की गरिमा कम की। जितने घनिष्ठ संबंध मेरे भैरोंसिंह शेखावत से थे, उतने किसी के नहीं थे। मैं कई बार उनसे मिला हूं। जब उनकी मृत्यु हुई थी, तब मैं वो आखिरी व्यक्ति था जो उनसे मिला था। ऐसे कई अवसर आते थे, जब वे मेरे घर आते थे और मैं उनके घर जाता था. जब वे उप राष्ट्रपति बने, तब हमने मुख्यमंत्री आवास में उनका सम्मान समारोह रखा। जब उनकी मृत्यु हुई तब उनका बड़ा स्मारक बनवाया. हमारे कई नेता उनके घर जाते थे. आज कोई विधायक भी विपक्षी पार्टी के नेताओं से मिल लेता है तो कई तरह की बातें हो जाती हैं।
गहलोत ने कहा कि आज भी लोग ये बातें करते हैं कि अगर तब राज्य में कांग्रेस की बजाय भाजपा सरकार होती तो भैरोंसिंह शेखावत का इतना बड़ा स्मारक नहीं बन पाता। भाजपा ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया, जबकि हमने हमेशा उनका सम्मान किया। गहलोत ने कहा कि कार्यक्रम में रक्षा मंत्री को बुलाया, लेकिन मैं वहां का क्षेत्रीय विधायक था, मुझे ही नहीं बुलाया। अगर यह भाजपा का कार्यक्रम होता तो मैं नहीं जाता, लेकिन यह जोधपुर विकास प्राधिकरण का कार्यक्रम था।