सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट, 48 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं तो मंत्री का इस्तीफा मांगेंगे

जयपुर। जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में भैंसों के तबेले में चल रहे स्कूल के निरीक्षण करने आए कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोगों ने मारपीट की। सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम के पूर्व निर्धारित दौरे से पहले कार्यकर्ताओं के स्कूल पहुंचने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और उन्हें स्कूल परिसर में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सीजेपी ने चेतावनी दी है कि 48 घंटे में मारपीट करने वाले गुंडो को नहीं पकड़ा गया और आदेश वापस नहीं लिया गया, तो सीजेपी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी और फिर मंत्री मदन दिलावर का इस्तीफा लेकर ही उठेंगे।

सीजेपी कार्यकर्ता सरकारी स्कूल की व्यवस्थाओं और शिक्षा संबंधी स्थिति का जायजा लेने के लिए रामपुरा कंवरपुरा पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं के स्कूल पहुंचने की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर आपत्ति जताई और कार्यकर्ताओं को स्कूल के अंदर जाने से रोक दिया। मामला उस समय और गरमा गया, जब सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका भी मौके पर पहुंच गए।
रांका के पहुंचने के बाद ग्रामीणों और सीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोक झोंक होने लगी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने पथराव कर दिया और कार्यकर्ताओं से मारपीट की। पार्टी के मुताबिक विवाद के दौरान रांका और उनके साथियों को मौके से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सीजेपी कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उन्हें आतंकवादी तथा नक्सली तक कहा गया। उन्होंने कहा कि किसी को बाहरी या अंदरूनी बताना उचित नहीं है, क्योंकि पूरा देश एक है। शिवांगी शर्मा के अनुसार, उनकी टीम किसी दूसरी पार्टी या दूसरे देश से नहीं आई है, बल्कि वे अपने ही देश के बच्चों और उनकी समस्याओं की बात करने के लिए वहां पहुंचे थे।
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। स्कूल परिसर में प्रवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद बाद में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच टकराव में बदल गया। सीजेपी की ओर से लगाए गए मारपीट के आरोपों और ग्रामीणों के रुख के बीच अब यह मामला चर्चा में है। फिलहाल, घटना को लेकर पुलिस में शिकायत या किसी कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. मामले की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
CJP से जुड़े आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि स्कूल की बदहाल स्थिति सामने लाने के लिए उनकी टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन वहां उनके साथियों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई। रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथ भाजपा से जुड़े लोगों ने मारपीट की। आशुतोष रांका ने कहा कि रामपुरा-कंवरपुरा का सरकारी प्राथमिक स्कूल पिछले कई वर्षों से बेहद खराब स्थिति में है और बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ना पड़ रहा है। इसी स्थिति को देखने और मामला सामने लाने के लिए CJP कार्यकर्ता गांव पहुंचे थे। रांका ने आरोप लगाया कि स्कूल की व्यवस्था सुधारने की कोशिश का भी विरोध किया गया।

ग्रामीण विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि गांव में पहले प्राथमिक विद्यालय पांचवीं कक्षा तक संचालित होता था। स्कूल के लिए जमीन उनके दादा ने दी थी। उनके मुताबिक वर्ष 1999 में स्कूल भवन का निर्माण हुआ था, लेकिन इसके बाद लंबे समय तक भवन की मरम्मत नहीं हुई। अब भवन इतना जर्जर हो चुका है कि वहां बच्चों को बैठाकर पढ़ाना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि फिलहाल ग्रामीणों ने एक बड़े भवन में दो कमरे उपलब्ध कराए हैं, जहां दो शिक्षक करीब 20 से 30 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। विष्णु कुमार शर्मा के मुताबिक, ये मामला बगरू विधानसभा क्षेत्र का है और विधायक डॉ. कैलाश वर्मा की ओर से स्कूल के लिए बजट स्वीकृत होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य जमीन पर शुरू नहीं हुआ है।
रांका ने घटना को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि उनकी टीम पर हमला मंत्री के कहने पर कराया गया। सरकार को स्कूलों की स्थिति सुधारने के बजाय उनकी टीम को रोकने के लिए लोगों को भेजा गया। रांका ने कहा कि उन्हें डराने या दबाव बनाने से उनकी टीम पीछे नहीं हटेगी और स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के लिए बच्चों का तबेले में पढ़ना मंजूर है, लेकिन स्कूल की स्थिति सामने आना मंजूर नहीं है।

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