भाजपा का चुनावी घोषणापत्र जनता के बीच बना मजाक

 

भाजपा का नगरीय निकाय चुनावी घोषणापत्र जनता के बीच बना मजाक का विषय : टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा

अलवर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा द्वारा नगरीय निकाय चुनावों को लेकर जारी किए गए चुनावी घोषणापत्र पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा का यह घोषणापत्र जनता के बीच गंभीर चर्चा का विषय बनने के बजाय मजाक का विषय बन गया है।
प्रदेशभर से आमजन से मिल रहे फीडबैक से साफ है कि लोग भाजपा के इन वादों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

जूली ने कहा कि आमजन का सवाल सीधा है कि अब चुनाव के समय भाजपा की नींद क्यों खुली है? नगरीय विकास से संबंधित जिन समस्याओं की ओर भाजपा सरकार ने ध्यान नहीं दिया, चुनाव आते ही उन पर घोषणाएं और वादे किए जा रहे हैं। अब चुनाव नजदीक आए हैं तो पूरा सिस्टम हरकत में आ गया है, क्योंकि भाजपा को जनता के बीच अपने कामकाज का जवाब देना है और वोट की चोट का डर सता रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों में सड़क, सफाई, सीवरेज, पेयजल, यातायात, आवारा पशु और बुनियादी शहरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। जनता इन समस्याओं से रोज जूझ रही है, लेकिन सरकार ने पूरे कार्यकाल में इनका स्थायी समाधान करने के बजाय अब चुनाव के समय घोषणापत्र के जरिए नए वादे करने शुरू कर दिए हैं। अलवर सहित प्रदेश के अलग-अलग शहरों से जो प्रतिक्रिया सामने आ रही है, उसमें जनता भाजपा से उसके पिछले कामकाज का हिसाब मांग रही है।

जूली ने कहा कि भाजपा की जुमलेबाजी अब जनता के लिए पुरानी ट्रिक हो चुकी है। जनता घोषणाओं और नारों के बजाय जमीन पर काम देखना चाहती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करना और सत्ता में आने के बाद उन्हें भूल जाना भाजपा की कार्यशैली बन गई है। अब प्रदेश की जनता इन वादों के बहकावे में आने वाली नहीं है।

मतदाता भाजपा को वोट की चोट से झटका देने के लिए तैयार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *