हमले के बाद अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा बढ़ाई

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ सोनारपुर दौरे पर मारपीट के कुछ ही घंटों बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। राज्य सरकार ने उन्हें ‘एक्स’ कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। अब तीन सुरक्षाकर्मी हर समय अभिषेक बनर्जी के साथ रहेंगे।

अभिषेक बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस में दूसरे सबसे बड़े नेता के रूप में देखा जाता है। पिछली राज्य सरकार के दौरान ‘जेड-प्लस’ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई थी। 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद सरकार बदलने पर इस सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने सांसदों और अन्य संरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।

इस समीक्षा के बाद बनर्जी की ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा वापस ले ली गई थी। इसके साथ ही हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके आवास के बाहर तैनात पुलिस बल को भी हटा दिया गया था। उस समय सरकार का कहना था कि एक निर्वाचित सांसद होने के नाते बनर्जी को उनके पद के अनुरूप सुरक्षा मिलती रहेगी। इसके बाद उन्हें दो सुरक्षाकर्मी दिए गए थे।

शनिवार को उन्होंने सोनारपुर का दौरा किया, तब के पुलिस ने कथित हमले और उत्पीड़न की घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस घटना के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सोनारपुर पुलिस ने रात भर इलाके में तलाशी अभियान चलाया और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए घटना के वीडियो फुटेज की जांच की।
खबरों के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने वीडियो फुटेज के जरिए आरोपियों का पता लगाया और इसके बाद छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में भी जुटी हुई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कुछ और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। इस घटना ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और राज्य में बड़े राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है।

अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कई जगहों पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने अब चिनसुरा से कई तृणमूल नेताओं को गिरफ्तार किया है। जिसमें पूर्व विधायक असित मजूमदार भी शामिल हैं।

रविवार सुबह चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट ने असित मजूमदार, चिनसुरा म्युनिसिपैलिटी चेयरमैन सौमित्र घोष, वाइस-चेयरमैन पार्थ साहा, और पार्षद रंजन राहा, निर्मल चक्रवर्ती, और समीर सरकार समेत कुल 10 तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया  चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और एडमिनिस्ट्रेटिव कामों में रुकावट को दूर करने के लिए की गई थी।

शनिवार को सोनारपुर में तृणमूल के ऑल-इंडिया जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी पर हमले के आरोप सामने आए। इस हमले के विरोध में तृणमूल पार्टी ने पूरे राज्य में विरोध कार्यक्रम शुरू किए। चिनसुरा में भी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक असित मजूमदार ने किया। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कहासुनी और हाथापाई हुई। इसके बाद, पुलिस ने कई तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

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