गहलोत बोले – भाजपा लोगों को भड़काने की राजनीति कर रही है

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा देश में तानाशाही और धर्म की राजनीति कर रही है। गहलोत बोले कि यदि आज इंदिरा गांधी जैसी प्रधानमंत्री होती तो भाजपा को बैन कर देती। गहलोत ने कहा कि संविधान में कहीं भी नहीं लिखा कि धर्म के नाम पर राजनीति करो, लेकिन भाजपा आज धर्म के नाम पर राजनीतिक कर रही है और हिंदुत्व के नाम पर लोगों को भड़काया जा रहा है। संविधान सभी धर्म को समान अधिकार देता है।

रविवार को नवाब दादा कायम खान शहीद दिवस पर राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष खानू खान बुधवाली की ओर से आयोजित कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में कायम रत्न अवार्ड 2026 समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत ने एक बार बाली से विधानसभा चुनाव लड़ा था। तब उन्होंने राम मंदिर का नाम लिया था, वो चुनाव जीत गए, लेकिन उनके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया था। भैरोंसिंह शेखावत मुख्यमंत्री बन गए थे, लेकिन तब उन्होंने जैसे तैसे कर गवाह को मैनेज किया और केस वापस लिया। उसी से समझ सकते हैं कि राजनीति में धर्म का नाम भी नहीं ले सकते थे।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग आज भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहा है। बंगाल में SIR के नाम पर क्या-क्या हुआ है, यह सबके सामने है। आज देश में न्यायपालिका दबाव में है। ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स हथियार के तौर पर काम आ रहे हैं। बंगाल में 27 लाख लोगों के वोट काट दिए गए। इतिहास में पहली बार हुआ है। बंगाल चुनाव काला अध्याय के तौर पर लिखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि कोई बात नहीं वोट अगली बार डाल देना। वोट देना संविधान का मूलभूत अधिकार है, उसकी धज्जियां उड़ाई जा रही है। आप कैसे कह सकते हो कि अगली बार वोट दे देना। मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया। भाजपा के लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं।

पहली बार मोदी को 31% वोट मिले: पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब पहली बार प्राइम मिनिस्टर बने, तब उनको 31% वोट मिले थे। 70% वोट उनके खिलाफ पड़ा था तो क्या वे लोग हिंदू नहीं थे, जिन्होंने मोदी के खिलाफ वोट किया। देश में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। देश में कुछ भी हो जाए, किसी का इस्तीफा नहीं होता है।

भाजपा के लोग कहते हैं कि हमारे यहां इस्तीफा देने की परंपरा नहीं है। मनमोहन सिंह सरकार के समय मुख्यमंत्री के इस्तीफे होते थे। मंत्रियों के इस्तीफा होते थे और होम मिनिस्टर तक का इस्तीफा हो गया था। गहलोत ने कहा कि भाजपा के नेता कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, जबकि लोकतंत्र में बिना विपक्ष के कुछ नहीं हो सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत से आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का लोकतंत्र और संविधान में कोई विश्वास नहीं है। यह चीन की तरह एक पार्टी का राज चाहते हैं, जहां चुनाव आयोग नाममात्र का हो और एक ही पार्टी चुनाव जीतती रहे। ऐसे संकेत पूरे देशवासियों को दिए जा रहे हैं। इसलिए हमें समझना पड़ेगा कि देश किस दिशा में जा रहा है। किस दिशा में जाएगा किसी को नहीं पता।
गहलोत बोले कि संविधान में अमीर-गरीब सभी को वोट का अधिकार दिया है। जब चुनाव आते हैं तो मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक गरीबों के दरवाजे पर वोट मांगने जाते हैं। जब वोट का अधिकार ही नहीं रहेगा तो गरीब को कौन सम्मान देगा। उन्होंने कहा आरएसएस और भाजपा की नीतियां खतरनाक हैं। महात्मा गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल ने आरएसएस पर बैन लगाया था। आज भाजपा और मोदी सरकार ने चुनावी लाभ लेने के लिए पटेल की बड़ी मूर्ति लगाई है, लेकिन उनकी आस्था महात्मा गांधी, सरदार पटेल, अंबेडकर और संविधान में नहीं है। ये लोग खुलेआम संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि आज देश में जरूरत है मुकाबला नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी हो। लोगों को भी समझना पड़ेगा। तमाम क्षेत्रीय दल राहुल को नेता स्वीकारें। राहुल संसद से सड़क तक लड़ रहे हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत की बात से इत्तेफाक रखता हूं कि समान विचारधारा वाले दलों को राहुल का नेतृत्व स्वीकार करना चाहिए। देश में राहुल बनाम नरेंद्र मोदी का मुद्दा बनना चाहिए। गहलोत बोले कि आज मेन स्ट्रीम मीडिया सरकार के दबाव में काम कर रही है। विपक्ष के मुद्दे को कमजोर करती है, इसीलिए देश में मुद्दे नहीं बन पा रहे हैं। भाजपा खुलकर हिंदुत्व की राजनीतिक कर रही है। आज देश की रियासत में भाजपा का एक भी मुस्लिम लोकसभा सांसद नहीं है। मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे नेताओं को घर बैठा दिया गया है।

गहलोत ने कहा कि आज प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं बची है। लोग पानी-बिजली के लिए परेशान हैं, सुनने वाला कोई नहीं है। मैं बार-बार युवाओं से आह्वान कर रहा हूं कि उन्हें राजनीति में आना चाहिए। राजनीति में आकर विचारधारा को समझना चाहिए कि देश की विचारधारा क्या है। अभी युवा नहीं संभले और भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति का मुकाबला नहीं किया तो इसके परिणाम देश को भुगतने होंगे। कार्यक्रम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री अशोक चांदना, रामलाल जाट, विधायक अमीन कागजी और रफीक खान ने भी संबोधित किया।

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