बदनामी के डर से राज्य सरकार ने दबाई नीट पेपर लीक की बात

 

बदनामी के डर से राज्य सरकार ने दबाई नीट पेपर लीक की बात सच सामने आया तो बेनकाब हुई भाजपा सरकार की गैर-जिम्मेदारी: टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान विधानसभा

पेपर लीक मामले में एफआईआर दर्ज न करना गैर जिम्मेदाराना हरकत

भाजपा के 10 वर्षों के शासन में अब तक 89 पेपर लीक हो चुके हैं

जयपुर । राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने NEET परीक्षा रद्द होने और इसकी जांच CBI को सौंपे जाने के बाद भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। जूली ने कहा कि परीक्षा का रद्द होना इस बात का सबसे बड़ा और पुख्ता सबूत है कि इस पूरे प्रकरण में संगठित स्तर पर बेहद गंभीर और गहरी धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि तकरीबन 22-23 लाख मेहनती विद्यार्थियों के सपनों और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।
जूली ने कहा कि इस मामले का महत्वपूर्ण पहलु यह है कि अभियर्थियों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद जैसा की जानकारी मिल रही है, मामले की गंभीरता को नहीं समझा गया और फिर इसे दबाने की कोशिशें हुई , एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई लेकिन अब परीक्षा कराने वाली संस्था ने पेपर लीक के कारण इसे रद्द कर दिया है तो साफ़ है कि भाजपा सरकार ने कितनी गैर जिम्मेदारना हरकत की है।

जूली ने आंकड़ों के साथ प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के 10 वर्षों के शासन में अब तक 89 पेपर लीक हो चुके हैं, जो भाजपा की कार्यशैली की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हर चुनाव और मंच से भाजपा बड़े-बड़े वादे करती है और सख्त कार्रवाई के खोखले दावे करती है, लेकिन धरातल पर हकीकत यह है कि भाजपा सरकार युवाओं की मेहनत और उनके समय की चिता जलाकर उस पर अपनी सियासत की रोटियां सेक रही है। पेपर लीक अब भाजपा की पहचान बन चुका है।

नेता प्रतिपक्ष ने राजस्थान सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सबसे ज्यादा चिंताजनक और शर्मनाक बात यह है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने सच्चाई को उजागर कर दोषियों पर नकेल कसने के बजाय, पूरे मामले को रफा-दफा करने और दबाने की पुरजोर कोशिश की। उन्होंने कहा कि अपनी बदनामी के डर से और अपनी छवि को चमकता हुआ दिखाने के लिए सरकार ने दो हफ्तों तक लाखों युवाओं के भविष्य को दांव पर लगाए रखा। यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि यह भाजपा की सुनियोजित गैर-जिम्मेदारी और युवाओं के प्रति उनकी संवेदनहीनता का जीता-जागता प्रमाण है।

जूली ने आगे कहा कि पहले भी OMR शीट में हुई गड़बड़ियों के मामलों में इसी तरह सच्चाई को दफन करने की कोशिश की गई थी। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता देश का युवा, न्याय या पारदर्शिता नहीं है, बल्कि केवल और केवल अपना फेस सेविंग है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इस संगठित अपराध के असली आकाओं को बेनकाब नहीं किया जाता और छात्रों को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक युवाओं की आवाज बुलंद करती रहेगी।

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