भाजपा ने कांग्रेस के आरोप नकारे,70 प्रतिशत सीटों पर जीत का दावा

जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा के  संभाग प्रभारी और चुनाव संचालन समिति की बैठक में परिणामों को लेकर मंथन किया गया।

बैठक के बाद कांग्रेस के आरोपों को लेकर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने आपस में बैठक कर मौजूदा राजनीतिक स्थिति की समीक्षा की है। सभी पार्टियां अच्छे परिणाम के लिए चिंतन करती हैं और भाजपा भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, कई निकायों में भाजपा के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। बाकी निकायों में सोमवार को मतदान होने के बाद नतीजे भाजपा के पक्ष में आएंगे। पार्टी आगामी दिनों में होने वाले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर भी तैयार है। पंचायतीराज चुनावों में भी पार्टी जीत हासिल करेगी।

भाजपा पार्षदों द्वारा कांग्रेस के समर्थन में क्रॉस वोटिंग करने के दावों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, कांग्रेस कभी भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग और चुनाव प्रक्रिया को मैनेज करने के आरोप लगाती है। अब क्रॉस वोटिंग की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, ऐसा नहीं होगा। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दावा किया कि जोधपुर नगर निगम में भी भाजपा ही जीतेगी और महापौर भाजपा का बनेगा। वहां भाजपा के 45 और कांग्रेस के 44 पार्षद जीते हैं। जबकि 10 पार्षद निर्दलीय और एक आरएलपी का है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का आंकड़ा 50 से 70 प्रतिशत तक पहुंच सकता है और निर्विरोध चुने जा रहे पार्षदों को जोड़ने पर यह 70 से अधिक होगा। कांग्रेस पार्षदों पर पुलिस के दबाव के आरोपों को राठौड़ ने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी के क्षेत्र में नहीं जा रही और न ही किसी पर दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी अपने परिवार को संभाल रही है। किसी पार्षद के परिजन शिकायत कर रहे हैं तो पुलिस उसका निस्तारण कर रही है।
निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी ने कहा, राजस्थान के नौजवानों और जनता ने भाजपा की रीती-नीति पर भरोसा जताया है। प्रदेश की भजनलाल सरकार और केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों को प्रदेश के लोगों ने समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, देशभर में निकाय चुनाव के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि पार्षदों के चुनाव में 40-42 फीसदी वोट शेयर एक अच्छा वोट शेयर माना जाता है। उन्होंने कहा, कई कार्यकर्ता टिकट मांगते हैं और एक को टिकट मिलने पर कुछ निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत जाते हैं। वे भी भाजपा के ही कार्यकर्ता हैं।

भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने इस दौरान कहा कि राजस्थान में पहली बार भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की रूपरेखा पर 309 निकायों के एक साथ चुनाव करवाए। हम संकल्प पत्र लेकर जनता के बीच गए और जनता को बताया कि नगर निकायों में हमारी सरकार बनेगी तो हम क्या-क्या करेंगे। आज 37 प्रतिशत लोग शहरों में रहने लगे हैं. हमारे पक्ष में रिजल्ट आया और हमें ऐतिहासिक जीत मिली। लगभग 30 से ज्यादा निकायों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ।

राठौड़ ने दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा के पक्ष में अंडरकरंट चल रहा था। इन चुनाव में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता सक्रिय नहीं रहा. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट या उनके प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा में से कोई भी प्रचार करते नजर नहीं आए। वे न घोषणा पत्र जारी कर पाए, न सम्मेलन और सभाएं कर पाए। अब ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसे बयान दिए जा रहे हैं। कांग्रेस ने पिछली बार खुद परिसीमन में मनमानी की, अब भाजपा पर आरोप लगा रही है।

राठौड़ ने कहा कि इस देश में दल-बदल को सबसे ज्यादा प्रोत्साहन कांग्रेस ने दिया है। प्रदेश में जब भी अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी। उन्होंने एलिफेंट ट्रेडिंग की। बहुजन समाज पार्टी के विधायक जीतकर तो आए, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। वे बोले, भाजपा में कोई क्रॉस वोटिंग नहीं करेगा। भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता कभी इधर-उधर नहीं हो सकते हैं। कांग्रेस खुद अपने पार्षदों को मनाने में लगी है। कांग्रेस के जीते हुए पार्षद भाजपा का दरवाजा खटखटा रहे हैं।

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