जोधपुर। शहर के बासनी की एक फैक्ट्री में बुधवार शाम को लगी आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री में रखा एक केमिकल का टैंक फटने से फायर ब्रिगेड के एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारी झुलस गए। जिन्हें उपचार के लिए पहले एम्स लाया गया,लेकिन यहां बर्न यूनिट नहीं होने की वजह से महात्मा गांधी अस्पताल स्थित बर्न यूनिट में शिफ्ट किया गया। इनमें से आठ दमकलकर्मी 50 फीसदी से ज्यादा झुलसने की बात कही जा रही है।
भीषण आग लगने की इस घटना की जानकारी मिलते ही जोधपुर कलेक्टर आलोक रंजन, पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया, नगर निगम आयुक्त राहुल जैन सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और झुलसे हुए दमकलकर्मियों के उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा बीएस जोधा भी अस्पताल पहुंच गए। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने बताया कि सभी दमकलकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स से महात्मा गांधी अस्पताल की बर्न यूनिट में शिफ्ट किया गया है। पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया ने बताया कि सभी एक्सप्लोजन में लोग झुलसे हैं। 8 जने 50 फीसदी से ज्यादा जले हैं। उनके लिए अलग से बर्न आईसीयू बनाया गया है। सभी का बर्निंग चार्ट बनाया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर दुख जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
जानकारी के अनुसार जोधपुर के बासनी स्थित गणेश कॉलोनी की केमिकल फैक्ट्री में शाम के बाद आग लगी ओर उसके बाद धमाका हुआ। धमाके के बाद झुलसे हुए दमकलकर्मियों को दमकल और वहां खड़ी एक पिकअप में डालकर एम्स लाया गया था। वहां प्राथमिक उपचार के बाद एमजीएच बर्न यूनिट में शिफ्ट किया गया है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने उनके उपचार के लिए एक अलग से टीम बनाई है।
घायलों की मिली जानकारी के अनुसार दमकलकर्मी दुर्गेश (उम्र 25 वर्ष), प्रेम तंबोली (20 वर्ष), प्रवीण शर्मा (25 वर्ष), विनय पुरोहित (22 वर्ष), कुणाल (25 वर्ष), आसिफ खान (33 वर्ष), जोगाराम (30 वर्ष), सुमित (22 वर्ष), मोहम्मद हनीफ (50 वर्ष), अविनाश (40 वर्ष), प्रकाश (25 वर्ष), प्रदीप (23 वर्ष), सुरेंद्र (22 वर्ष) और दिनेश (40 वर्ष) का इलाज किया जा रहा है।
केमिकल फैक्ट्री में लगी आग पर देर शाम को एक बार लगभग काबू पा लिया था,लेकिन अचानक वहां हुए विस्फोट से आग फिर भभक गई और इसकी चपेट में ये दमकल कर्मचारी आ गए। फायर ब्रिगेड की दूसरी टीम में उसे नियंत्रित करने में लगी हुई है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि फैक्ट्री में किस तरह के केमिकल रखे हुए थे। उनका उपयोग किया जा सकता है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। फैक्ट्री संचालक से भी पूछताछ की जाएगी। अगर नियमों की पालना नहीं हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।