जयपुर। राज्य सरकार की निरंकुशता और मनमानी के चलते एक स्वास्थ्य संविदाकर्मी
दीपक की मौत हो गई। मनमाने ढंग से नौकरी से हटाए जाने के बाद जब वह शासन सचिवालय में अपनी गुहार लगाने गया तो उसे धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया। इस अपमान और निराशा से दुखी होकर स्वास्थ्यकर्मी दीपक ने आत्महत्या कर ली।
सरकार की इस क्रूर कार्यवाही के विरुद्ध स्वास्थ्य संविदा कर्मियों ने आज एसएमएस अस्पताल में जहां दीपक का शव रखा था, जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक अमीन काग़ज़ी तथा विधायक रफ़ीक ख़ान सहित कई कांग्रेस नेताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। संविदा कर्मियों के साथ वार्ता में भी कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया।
जयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने सरकार के प्रतिनिधियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि:
“सरकार को तुरंत मृतक दीपक के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी और समस्त हटाए गए संविदा कर्मियों को पुनः काम पर बहाल करना होगा। यदि सरकार इन मांगों को पूरा करने में विफल रही तो कांग्रेस पार्टी संविदा कर्मियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी और इसके समस्त परिणामों की जिम्मेदारी सरकार की होगी।”
जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी।