बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने के बाद इलाज के दौरान रविवार को एक और प्रसूता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बीते करीब 20 दिन से वेंटिलेटर पर चल रही प्रसूता शारदा की इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। इस लापरवाही में जान गंवाने वाली प्रसूताओं की संख्या बढ़कर दो हो गई। इससे दो दिन पहले प्रसूता प्रीति ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था अस्पताल में अब इसी तरह दो और प्रसूताओं का इलाज चल रहा है
पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बीसी घीया ने शारदा की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि शारदा का पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। ऑपरेशन के कुछ समय बाद तबीयत बिगड़ने लगी और किडनी ने काम करना लगभग बंद कर दिया। गंभीर हालत में उसे आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। चिकित्सक लगातार उपचार में जुटे थे, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
उल्लेखनीय है कि पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की अचानक किडनी खराब हो गई थी। कई महिलाओं को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा, जबकि कुछ का डायलिसिस किया गया। सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बीकानेर पहुंच कर पीबीएम अस्पताल और सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से मामले की जानकारी ली थी।
इधर इस मामले में लगातार सरकार पर निशाना साध रही कांग्रेस का पीबीएम अस्पताल के बाहर पीबीएम सुधारो आंदोलन के तहत धरना जारी है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम ने कहा कि पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक और प्रसूता शारदा की दुखद मृत्यु हो गई। अब तक दो प्रसूताओं की जान जा चुकी है, जबकि कई महिलाओं की किडनी खराब हो गई। यह केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि उन परिवारों के दर्द और टूटे हुए सपनों की कहानी है, जिन्होंने अपनों को खोया है दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा मिले। अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए।