नई दिल्ली। चुनाव आयोग की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 13 करोड़ वोटों को हटाने के आरोपों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। वहीं सोनम वांगचुक ने दिल्ली में हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा न करने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट रविवार को एक अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई करेगा। यह याचिका जंतर-मंतर पर आज होने वाले CJP के विरोध-प्रदर्शन से पहले सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद करने के कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश की जानबूझकर अनदेखी करने के आरोप में दायर की गई है।
इस बीच प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के समीप प्रदर्शन करने वालों की ओर से पुलिस पर की पत्थरबाजी का आरोप है।पुलिस और प्रदर्शनकरियों के बीच थोड़ी देर के लिए झड़प भी हुई है। इससे पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके साथी कार्यकर्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया। तीनों को आईजीआई हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया, जहां महिला पुलिसकर्मियों ने विमान में प्रवेश कर उन्हें हिरासत में लिया। दिपके को दिल्ली पुलिस अधिकारियों से यह कहते हुए देखा गया, “मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं, मुझे गिरफ्तार कर लो। मुझे तुम लोगों से डर नहीं लगता।” उनसे और उनकी टीम से आज जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयोग के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने की उम्मीद थी, जबकि सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के मध्य में आंदोलन को रोकने के लिए अभूतपूर्व प्रतिबंध लागू किए हैं
इस बीच पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने दिल्ली में हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा न करने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग वाले विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में कई विपक्षी नेताओं, छात्र कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने और कड़े प्रतिबंध लागू होने के बाद, क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने शनिवार को देश के हालात को “अघोषित इमरजेंसी” करार दिया।
वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी, अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) और अन्य छात्र एवं राजनीतिक समूहों द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल के हजारों जवान दिल्ली की सड़कों पर मार्च कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दिपके, सौरभ और रांका के अलावा आज अब तक कम से कम सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। जाने-माने कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी और काव्या कर्नाटक भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल हैं।
सीजेपी ने दोपहर को एक्स पर बताया कि राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया, जबकि काव्या को धौला कुआं के पास सुरक्षा बलों द्वारा एक बस में घसीटते हुए देखा गया। अभूतपूर्व सुरक्षा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी भर में लगभग 25,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, कम से कम 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास प्रतिबंधित हैं, विरोध क्षेत्र में और उसके आसपास मोबाइल इंटरनेट बंद है, जबकि विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट रविवार को एक अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई करेगा। यह याचिका जंतर-मंतर पर आज होने वाले सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से पहले सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद करने के कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश की जानबूझकर अनदेखी करने के आरोप में दायर की गई है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच 11 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। अवमानना याचिका में केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और DMRC चेयरमैन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि घोषणा के अनुसार 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे गए थे।
वही 10 अक्टूबर के आंदोलन के बाद चुनाव आयोग की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 13 करोड़ वोटों को हटाने के आरोपों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मामले में जवाबदेही तय होने तक देशभर में विरोध प्रदर्शन और सविनय अवज्ञा आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने नेताओं और नागरिकों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस कार्रवाई की गई। संगठन ने दावा किया कि 15 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। CJP ने आरोप लगाया कि मेट्रो स्टेशन बंद करने, परिवहन बाधित करने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने जैसे कदमों से लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर असर पड़ा है। संगठन ने कहा कि चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग पूरी होने तक कई राज्यों में आंदोलन जारी रहेगा।
इससे पहले शनिवार शाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन के बीच कनॉट प्लेस में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए, अतिरिक्त जवान तैनात किए और मुख्य एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर लोगों की आवाजाही पर कड़ी नज़र रखी। कनॉट प्लेस की ओर जाने वाले कई रास्तों पर बैरिकेड्स के पीछे पुलिसकर्मी तैनात थे। महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। इलाके में पुलिस की कई बसें और दूसरी गाड़ियां खड़ी थीं। इन बसों का इस्तेमाल हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को डिटेंशन सेंटर ले जाने और पुलिसकर्मियों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था।