जयपुर। आधे राजस्थान में धूल के बवंडर के साथ में बीकानेर, चूरू सहित आसपास के क्षेत्र में पूरा आसमान धूल से भर गया। तेजी से उठे धूल के बवंडर ने कई जिलों को अपने आगोश में ले लिया और असर राजधानी जयपुर तक नजर आया। इसी के साथ उदयपुर में जहां बारिश हुई वहीं श्रीगगानगर में बारिश के साथ ओले
भी गिरे।
शनिवार दोपहर के बाद बीकानेर और चूरू जिले में मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली कि दिन में ही अंधेरा छा गया। तेज धूल भरी आंधी और धूल के विशाल बवंडर ने पूरे आसमान को ढक लिया। जिससे कुछ देर के लिए हालात रात जैसे नजर आने लगे। दोपहर करीब 2 बजे उठी तेज आंधी के कारण दृश्यता काफी कम हो गई। सड़कों पर चल रहे वाहनों की रफ्तार थम गई और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। धूल का गुबार इतना घना था कि कुछ मीटर की दूरी तक देख पाना भी मुश्किल हो गया। राजधानी जयपुर में भी दोपहर बाद में धूल भरी आंधी चली। उसके बाद तेज बिजली कड़कने लगी और चारों तरफ अंधेरा छा गया।
धूल और तेज हवाओं से बचने के लिए दुकानों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। वहीं वाहनों के टायर भी जहां थे, वह थम गए। आंधी के दौरान कई स्थानों पर पेड़-पौधों और बिजली लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है। भीषण गर्मी से जूझ रहे क्षेत्र के लोगों को मौसम परिवर्तन से राहत तो मिली, लेकिन धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सरदारशहर में धूल के बवंडरों से पूरा आकाश मानो कैद हो गया और दिन के उजाले में अंधेरे जैसा नजारा देखने को मिला।
सरदारशहर में शनिवार दोपहर धूल भरी आंधी ने ऐसा कहर बरपाया कि दिन में ही अंधेरा छा गया। दोपहर दो बजे धूल के बवंडरों ने पूरे आसमान को ढक लिया, दृश्यता कम होने से वाहनों को हेडलाइट जलानी पड़ी और सड़कों पर रफ्तार थम गई। अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन धूल के गुबार ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया।