अजमेर। जिले के बोराडा थाना एरिया में गुरुवार सुबह कार में आग लगने के बाद जिंदा जलकर चार लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार पहली पत्नी, नाबालिग बेटे और बेटी ने मिलकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि पुलिस की विशेष टीमें कुछ ही घंटे में पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठाएंगी।
घटना की जानकारी देते हुए एसपी हर्षवर्धन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका में एक की पहली पत्नी, नाबालिग बेटे और बेटी ने मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची है। बताया जा रहा है कि साथ ही रहने वाली पहली पत्नी सुनीता से रामसिंह का लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते धारदार हथियार से हत्या करके शव को कार में रखा गया। साथ ही सबूत मिटाने के लिए कुछ दूर ले जाकर गाड़ी में आग लगा दी गई । एसपी ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि बोराड़ा थाना क्षेत्र में अराई रोड पर पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, मां पूसी देवी, पत्नी जिला परिषद सदस्य सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा चौधरी की कार में आग लगने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। एसपी अग्रवाला ने बताया कि मौके पर एफएसएल टीम ने गहन जांच कर साक्ष्य जुटाए है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी को वर्ष 2024 में रंजिश के चलते उसे जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी थी। वर्ष 2024 में ही उसकी सुरक्षा को विदड्रॉ कर लिया गया था।
पूर्व सरपंच राम सिंह ने पुलिस से सुरक्षा की डिमांड वर्ष 2024 के बाद भी कई बार की थी। एसपी ने इस सवाल के जवाब में कहा कि आवश्यकता पड़ने पर ही सुरक्षा दी जाती है। वर्ष 2024 में दी गई उनकी सुरक्षा को हटा लिया गया था। प्रारंभिक पड़ताल में पूर्व सरपंच राम सिंह के घर से मिली दो ईंटों पर खून के निशान भी पाए गए हैं। साथ ही प्रारंभिक दृष्टि से लग रहा है कि घर में खूनी संघर्ष पहले हुआ है। घर के भीतर और बाहर आंगन को धोया गया था। पुलिस मृतक राम सिंह की पहली पत्नी और उसके बेटे समेत उसके रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों ने मांग कहा कि पुलिस पर हमें भरोसा है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाए।