चुनाव आयोग सरकार और भाजपा का विभाग़,न्यायपालिका भी दबाव में

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट से चुनाव आयोग को मिली क्लीन चिट को लेकर कहा है कि आज चुनाव आयोग मोदी सरकार और भाजपा का विभाग बनकर काम कर रहा है तो वहीं न्यायपालिका भी दबाव में है। बंगाल में 27 लाख वोटों पर जब तक फैसला नहीं हो होता, तब तक चुनाव आयोग को वहां पर चुनाव स्थगित करने चाहिए थे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश हित में आज युवाओं को सोचना चाहिए। मैं उनके भले के लिए कह रहा हूं। नरेंद्र मोदी और अशोक गहलोत तो जिंदा नहीं रहेंगे, लेकिन आने वाला भविष्य युवाओं का है  चाहे वो भाजपा और आरएसएस से जुड़े हुए युवा ही क्यों न हों, लेकिन आज पूरा मुल्क चुप है। गहलोत ने कहा कि भारत में जो हो रहा है, राम के नाम पर होने दो। क्या पूरा देश राम भक्त नहीं है क्या, जो बीजेपी को वोट देते हैं वही हिंदू हैं. गहलोत ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी को 31% वोट मिले थे और 70% वोट उनके खिलाफ थे, तो क्या 70% वोट वाले हिंदू नहीं थे. इसलिए समय आ गया है कि युवाओं को अब आगे आना चाहिए।

गहलोत ने बुधवार को जयपुर में कहा कि 27 लाख मतदाताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का यह कहना कि अगली बार वोट डाल देना, यह टिप्पणी उचित नहीं थी। जनता के वोट डालने का अधिकार तो अभी था और उस अधिकार को छीना गया है  मैंने भी पहले कहा था और कई बुद्धिजीवियों ने भी कहा है कि जब तक 27 लाख वोटों का फैसला नहीं होता तब तक चुनाव आयोग को कम से कम 6 महीने या 3 महीने के लिए चुनाव स्थगित करने चाहिए थे।उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जयललिता सरकार ने वहां पर साड़ियां बंटवा दी थी, तब टीएन शेषन ने चुनाव स्थगित कर दिया था, लेकिन आज चुनाव आयोग भाजपा और मोदी सरकार का विभाग बनकर काम कर रहा है।

म गहलोत ने कहा कि आज न्यायपालिका पूरी तरीके से दबाव में काम कर रहा है जजों को सीधे फोन किए जाते हैं, लेकिन मैंने आज तक कभी किसी जज को किसी के लिए फोन नहीं किया है। पहले मुख्यमंत्री के हाथ में जज बनाना होता था। मैंने भी आज से 20-25 साल पहले कई जजों के लिए सिफारिश की थी, लेकिन आज तक किसी को फोन नहीं किया क्योंकि न्यायपालिका का अलग औरा होता है। आज उनका मजाक बनाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों को फोन करके उन पर दबाव बनाया जाता है। ईडी पर भी दबाव बनाया जाता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल जैसे चुनाव अगर हर राज्य में होने लगे तो देश बर्बाद हो जाएगा, लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। ममता बनर्जी की पार्टी और माकपा तो लड़ाका थे। उन्होंने नरेंद्र मोदी और बीजेपी से मुकाबला किया, लेकिन जो भाजपा ने बंगाल में किया अगर यही अप्रोच लेकर वो हर राज्य में चले गए तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा,क्योंकि हर राज्य में टीएमसी और माकपा की तरह लड़ाके नहीं हैं। भाजपा के लोग हर राज्य में अपने मन की करेंगे।

गहलोत ने कहा कि बंगाल में केंद्र सरकार ने ढाई लाख अर्ध सैनिक बलों को तैनात कर दिया, जबकि पूरे देश में जब लोकसभा चुनाव होते हैं तब 3 लाख अर्ध सैनिक बल तैनात किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का एक आईपीएस अधिकारी बंगाल जाकर वहां के प्रत्याशियों और मोहल्ले वासियों को धमका रहा है। गहलोत ने कहा कि बंगाल में क्या-क्या नाटक हुआ है, यह सब देखकर भी अगर युवा पीढ़ी नहीं चेती तो आने वाले वक्त में वह तकलीफ पाएंगे और भुगतेंगे। मैं उनसे आह्वान कर रहा हूं कि देश हित को समझें।

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