गहलोत बोले – आज तक ऐसी कमजोर सरकार नहीं देखी

जोधपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नगर निकाय और पंचायत चुनाव नहीं कराने पर राजस्थान की भजनलाल सरकार पर करारा हमला बोलते हुए सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर दी।

सोमवार को जोधपुर पहुंचने पर गहलोत ने कहा कि इस सरकार में हर वर्ग असंतुष्ट है। राजस्थान के हालात बहुत गंभीर हो गए। आजादी के बाद से ऐसी सरकार कभी नहीं आई है। गहलोत ने कहा कि हाईकोर्ट दो बार कह चुका है स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव कराए, लेकिन ओबीसी रिपोर्ट के चक्कर में सरकार चुनाव नहीं करा रही है। सरकार की नियत खराब है। इस सरकार को भंग करने की जरूरत है, जो सरकार संविधान का पालन नहीं करती है उसे रहने का हक नहीं है। हमारे समय में भी चुनाव को लेकर अड़चन आई थी, लेकिन हमने चुनाव कराए। अब जब चुनाव होंगे तो यह सब नगर निकाय और पंचायत चुनाव में साफ हो जाएंगे। कॉपरेटिव चुनाव नहीं करा पा रहे हैं। राजस्थान के हालात बहुत गंभीर है। हर वर्ग सरकार से असंतुष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 12 साल में धर्म के नाम पर राजनीति करने में कामयाब हुई, लेकिन जनसमस्या पर काम नहीं हुआ।
इस दौरान मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि 12 साल से केंद्र मंत्री हैं। एक भी उपलब्धि बता दें जोधपुर को लेकर जो उन्होंने दी है। सारे काम हमारे कार्यकाल में हुए। एयरपोर्ट की जमीन का आदान-प्रदान हमने करवाया था। एलिवेटेड रोड का काम शुरू हो रहा है, वह मैंने गडकरी से बात कर कर स्वीकृत कराई थी। उसके लिए श्रेय ले तो मुझे परेशानी नहीं है। इसका शिलान्यास मोदीजी ने कर दिया बताते हैं। उनको इतने बड़े काम का शिलान्यास जोधपुर आकर करना चाहिए था। जोधपुर के मंत्री अगर वो मुझसे राय लेते तो बहुत काम हो सकते थे। गहलोत ने कहा कि जोधपुर का एयरपोर्ट बन गया है। यहां 6 बाण ब्रिज बने हैं, इतने जयपुर में भी नहीं हैं। उद्घाटन से पहले चीफ मिनिस्टर को चाहिए कि वह जयपुर से जोधपुर फ्लाइट भी शुरू करें। गहलोत ने रिफाइनरी की आग की घटना पर कहा कि हादसे की जांच होनी चाहिए। पीएम के आने के 24 घंटे पहले ट्रायल हो रहा था। यह गंभीर विषय है।
गहलोत ने कहा कि जोधपुर में पेयजल संकट है। इंदिरा नहर से जुड़ी लिफ्ट नहर का तीसरे पेज के लिए केंद्र ने पैसा नहीं दिया, तब मैंने अपने स्टेट बजट से पैसा आवंटित किया। उस काम की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री को पता ही नहीं है कि लिफ्ट में नहर क्या चीज है। वो जोधपुर के काम में रुचि नहीं ले रहे हैं। अस्पतालों की बिल्डिंग बनी, लेकिन सरकार उपकरण और डॉक्टर नहीं लगा पा रही. पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा है। ‘मेरा दावा है मीडिया वाले किसी भी गांव में चले जाएं, खर्चा मैं दूंगा। हकीकत पता चल जाएगी कि सरकार नाम की कोई चीज है क्या?’ गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोगों को पेंशन नहीं मिल रही है। मुफ्त दवाइयां बंद हो रही है। निजी अस्पतालों को सरकारी योजनाओं के भुगतान नहीं हो रहा है। 40 दिन तक हड़ताल चली. सरकार को चाहिए कि अस्पतालों को पैसा दिलवाएं।

गहलोत ने कहा कि नहर में क्लोजर हर साल होता है। हमारे समय भी होता रहा है। हम एडवांस में मैनेजमेंट करते थे। चीफ सेक्रेटरी से बात होती थी। ऐसी नौबत कभी नहीं आने दी जो इस बार हुआ। जोधपुर की उपेक्षा हो रही है। सीएम दस-बीस बार आ गए, लेकिन फिर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

 

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