जयपुर। विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल में प्रदेश में चल रही निजी बस आपरेटर्स की हड़ताल को लेकर सदस्यों ने चिंता जताई।
चौमू विधायक डॉ. शिखा मील ने बस हड़ताल को लेकर कहा खाटू श्यामजी मेले में आए हजारों लोग अटके हुए हैं। 70 किमी के सात हजार रुपए ले रहे हैं। दूसरी ओर सरकार धृतराष्ट्र बनकर बैठी है। इनको पीएम की रैली की चिंता है। पहले ऑपरेटर्स की 23 मांगे थे जो 14 व अब 9 हो गई हैं। ऑपरेटर्स वन इंडिया टैक्स की मांग पूरी करें। आप वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते हैं तो वन इंडिया वन टैक्स की मांग पूरी क्यों करते हैं ? परिवहन के अधिकारी बीच रास्तों में बसें रोककर यात्रियों को उतार देते हैं। इसी मामले को उठाते हुए निर्दलीय चंद्रभान सिंह ने कहा कि जनता आज विकट स्थिति में है। तीस हजार निजी बसें बंद हैं, पूरे प्रदेश को तीन हजार रोडवेज बसों के भरोसे छोड़ दिया गया है। सभी को बहुत परेशनी से गुजरना पड़ रहा है। आरटीओ डीटीओ लाखों रपए के चालान बना रहे हैं।
हड़ताल के कारण पर्यटन भी इसकी चपेट में आ चुका है। वर्तमान में खाटू श्यामजी का मेला चल रहा है। हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं, लेकिन परिवहन सुविधा नहीं मिल पा रही है। चौहान ने कहा कि छोटी गाड़ियों के करिअर लगाने पर आरटीओ डीटीओ की ओर से आठ हजार के चालान बनाया जा रहा है। यह एक तरह की लूट है, सरकार को चाहिए कि संवदेनशीलता को देखते हुए चालान रोके। इस हड़ताल से मजूदर, किसान, व्यापारी, छात्र परेशान हैं।
बसों की हड़ताल के इस मुद्दे पर विपक्ष के विधायकों ने मंत्री से जवाब दिलाने की मांग की,तो विधानसभा अध्यक्ष ने भी पूछा कि मंत्री कुछ बोलेंगे क्या? लेकिन मंत्री नहीं बोले,तो हंगामा हुआ और विधानसभा अध्यक्ष ने भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी का नाम पुकार लिया।