अपनी असफलता छिपाने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भ्रामक भाषण दे रहे हैं

जयपुर। पचपदरा रिफाइनरी में उद्घाटन से एक दिन पहले लगी आग के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। बुधवार को अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल पर घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं देने और भ्रामक बयानबाजी करने के आरोप लगाए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफाइनरी के कार्य में भाजपा के कारण हुई अनावश्यक देरी एवं अब जल्दबाजी में उद्घाटन के प्रयास में हुई दुर्घटना से ध्यान भटकाने तथा अपनी असफलता छिपाने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भ्रामक भाषण दे रहे हैं। गहलोत ने कहा कि घटना के दो दिन बाद भी आधिकारिक तौर पर यह जानकारी नहीं दी गई है कि दुर्घटना क्यों हुई?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह बयान कि “रिफाइनरी में राजस्थान सरकार की 26% भागीदारी पीएम मोदी ने करवाई”, पूर्णतः असत्य है। उन्हें शायद जानकारी ही नहीं है कि रिफाइनरी में राज्य सरकार की 26% भागीदारी 2013 में हुए शिलान्यास के समय से ही है। पचपदरा में रिफाइनरी के लिए भारत सरकार एवं एचपीसीएल ने तब यह शर्त रखी थी कि राज्य सरकार 26% हिस्सेदारी ले, तभी यहां रिफाइनरी बनाई जा सकती है।
सामान्यतः रिफाइनरी में राज्य सरकार की हिस्सेदारी नहीं होती है, क्योंकि रिफाइनरी कई बार घाटे में चलती है। ऑयल कंपनियों के पास कई रिफाइनरियां होती हैं, जहां कहीं लाभ तो कहीं हानि होती है, जिससे उनकी भरपाई हो जाती है। राज्य की हिस्सेदारी होने पर घाटे का नुकसान राज्य को भी उठाना होगा, लेकिन इस शर्त के कारण राजस्थान को हिस्सेदारी लेनी पड़ी।
गहलोत ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि भाजपा की ओर से ऐसे बयान आ रहे हैं, जिससे पता चलता है कि इन्हें रिफाइनरी की ‘एबीसीडी’ भी मालूम नहीं है। उनके बयान इसी बात को सिद्ध करते हैं. इसी प्रकार, वे रिफाइनरी में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। 12 साल से केन्द्र एवं सवा दो साल से राज्य में सरकार होने के बावजूद अभी तक इन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की ?

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