जयपुर। राजस्थान में पंचायत राज चुनाव का बिगुल बज गया है और चुनाव आयोग ने चार चरणों में पंचायत राज के चुनाव कराने की घोषणा कर दी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों के आम चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने मीडिया से रूबरू होकर चारों चरणों के मतदान की तारीखों का आधिकारिक ऐलान किया।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 कुल चार चरणों में संपन्न कराया जाएगा। इसके तहत पंच और सरपंच पद के लिए पहले चरण का मतदान 25 अक्टूबर को 3,672 ग्राम पंचायतों में होगा। इसके बाद दूसरे चरण की वोटिंग 31 अक्टूबर को 3,626 पंचायतों में, तीसरे चरण का मतदान 6 नवंबर को 3,605 पंचायतों में और चौथे व अंतिम चरण की वोटिंग 16 नवंबर को 3,500 ग्राम पंचायतों में आयोजित की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले चरण का मतदान 13 अक्टूबर, दूसरे चरण का 16 अक्टूबर और तीसरे चरण का मतदान 23 अक्टूबर को होगा।
इसी के साथ प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इसके चलते अब राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किसी भी नए विकास कार्य की घोषणा नहीं कर पाएगी और न ही कोई नए वर्क ऑर्डर जारी किए जा सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 28 नवंबर 2026 तक संपन्न करा ली जाएगी।
निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि आयोग राज्य में ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की अवधारणा को क्रियान्वित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी नीति के तहत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराए जा रहे हैं। इस बार मतदान प्रक्रिया में हाइब्रिड मॉडल दिखेगा। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव मतपत्र से करवाए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए EVM का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बारां, श्री गंगानगर, करौली और कोटा जिलों की कुछ संस्थाओं का कानूनी कार्यकाल बचा हुआ है, इसलिए वहां 22 दिसंबर 2026 के बाद चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
बजा पंचायत चुनाव का बिगुल, चार जिलों को छोड़कर चार चरणों में होंगे चुनाव