करौली । करौली के पांचना बांध से पानी छोड़ने की मांग पूरी कर दी गई,लेकिन कमांड एरिया में पानी नहीं आने से फिर आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई।
इससे पहले जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पांचना बांध के दो गेट खोलकर गंभीर नदी और कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़ा। इससे पहले दोनों मंत्रियों ने गुड़ला गांव के देवनारायण मंदिर मे पांचना बांध के किसानों की लंबे समय से चली आ रही लिफ्ट बनाने की मांग को पूरा किया। दोनों मंत्रियों ने विधिवत रूप से भूमी पूजन किया और 61 करोड़ की लागत से बनने वाली दो लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास किया। हालांकि कुछ देर बाद ही एक गेट को बंद करना पड़ा।
पांचना बांध के 39 गांवों के किसानों, कमांड एरिया की नहरों के 35 गांवों के किसानों और गंभीर नदी इलाके मे बसें 360 गावों के किसानों के बीच पांचना बांध से पानी छोड़ने को लेकर पेंच दो दशकों से फंसा हुआ था। इसके लिए कमांड एरिया के लोगों ने गंगापुर सिटी में धरना प्रदर्शन किया था। वहीं, पांचना बांध के किसान बांध से पानी निकासी न हो, इसके लिए धरने पर बैठकर पांचना बांध की रखवाली कर रहे थे। वहीं, 360 गांव के लोगों ने भी महापंचायत कर पांचना का पानी पहले गंभीरी नदी में छोड़ने की मांग उठाई थी।
पिछले दिनों मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, मंत्री जवाहर सिंह बेढम और सिचाई मंत्री सुरेश रावत ने किसानों की बैठक कर मसले को सुलझाने की कोशिश की थी। इसके बाद आज नहरों और नदी क्षेत्र में पानी छोड़ा गया। मंत्री सुरेश रावत और मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने गुड़ला गांव में किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सवेदनशील हैं।
किसान प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच जो मसौदा तैयार हुआ उसको जल्दी धरातल पर उतारा जाएगा। पांचना बांध लिफ्ट परियोजनाओं का काम तय समय पर पूरा होगा और वह खुद इसकी मोनिटरिंग करेंगे। लिफ्ट परियोजनाओं के काम और गुणवत्ता मे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाह कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी। लिफ्ट के कामों में अगर पैसों की कमी आती है तो और पैसा दिया जाएगा। भजनलाल सरकार जो कहती है वो काम करती है। हमारी सरकार ने ही लिफ्ट परियोजना का शिलान्यास किया, उद्घाटन भी हम ही करेंगे। उन्होंने किसानों से भाईचारे के साथ रहने की भी अपील की।
पांचना बांध का साल 1972 में निर्माण शुरू हुआ था। काम 2005 में पूरा हुआ। मिट्टी से निर्मित इस बांध को बनाने का मूल उद्देश्य गंभीर नदी क्षेत्र में बाढ़ के पानी को रोकना था, लेकिन जब 2005 में इसका निर्माण हुआ था तो पांचना बांध किसान क्षेत्र और कमांड एरिया के 35 गांवों में पेंच फंस गया। पांचना बांध के 39 गांवों के किसानों का कहना था कि पांचना बांध के निर्माण में हमारी जमीन गई है, इसीलिए पानी का पहला हक हमारा है। वहीं, कमांड एरिया के किसानों का कहना था कि पानी सबका है, इसीलिए हमारी नहरों को पानी मिले। दो दशक से यह पांचना बांध के पानी का विवाद बना हुआ था।
विवाद नहीं सुलझा तो ,कमांड क्षेत्र के किसानों ने पांचना बांध से पानी खुलवाने को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद हाईकोर्ट ने शासन और प्रशासन को पांचना बांध के गेट खोलकर पानी खोलने के आदेश जारी किए थे, जबकी पांचना बांध के किसान लिफ्ट के जरिए 39 गांवों में पानी पहुंचाने की मांग पर अड़े हुए थे। पांचना बांध का जलस्तर 258.62 मीटर है, जबकि वर्तमान मे पांचना बांध का जलस्तर 254.75 मीटर है। पांचना बांध के गेट खोलने से पहले सायरन बजाया गया। फिर दोनों मंत्रियों ने सोमवार को सबसे पहले गेट नंबर चार खोलकर पानी निकासी की शुरुआत की। प्रशासन ने पानी खुलने के बांध किसानों से पानी वाले इलाके से दूरी बनाने के साथ मवेशियों और छोटे बच्चों को पानी से दूर रखने की अपील की है।