सांसद कुलदीप इंदौरा ने CAPF विधेयक पर सरकार को घेरा, सीमावर्ती क्षेत्र की समस्याओं को संसद में उठाया
नई दिल्ली। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सांसद कुलदीप इंदौरा ने लोकसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान इस विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे जवानों के हितों के खिलाफ बताया।
सांसद इंदौरा ने अपने संबोधन में कहा कि यह विधेयक मूल रूप से सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को निष्प्रभावी करने का प्रयास है और इससे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जवानों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन यह विधेयक उनके मनोबल को कमजोर करने का कार्य करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून जवानों की सेवा शर्तों और अधिकारों को सीमित करने की दिशा में एक कदम है, जो देश की सुरक्षा में दिन-रात लगे जवानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि जवानों को सशक्त करने के बजाय यह विधेयक उन्हें असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कराता है।
सांसद इंदौरा ने कहा कि सरकार को ऐसे कानून लाने चाहिए जो जवानों के कल्याण, सम्मान और अधिकारों को मजबूत करें, न कि उन्हें कमजोर करें। उन्होंने इस विधेयक को वापस लेने या इसमें व्यापक संशोधन करने की मांग की।
अपने संबोधन में उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, विशेष रूप से ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आई है।
इसके साथ ही उन्होंने सीमावर्ती किसानों की समस्याओं को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि कई किसानों की भूमि सीमा पर बनी फेंसिंग के उस पार स्थित है, जिसके कारण उन्हें खेती करने के लिए जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। समय पर खेतों तक नहीं पहुंच पाने और सिंचाई में आने वाली बाधाओं के कारण उनकी फसलें प्रभावित होती हैं और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सांसद कुलदीप इंदौरा ने सरकार से मांग की कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ किया जाए तथा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, जिसमें वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराना शामिल हो।
अंत में इंदौरा ने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है, और इस दिशा में गंभीर एवं संवेदनशील प्रयास किए जाने चाहिए।