करौली। पांचना बांध को लेकर 20 साल से चला आ रहा विवाद सुलझने की बजाय अब और उलझता दिख रहा है और दो समाज गुर्जर तथा मीना आमने-सामने आ गए हैं।
पांचना से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर शुरू विवाद अब और तेज हो चुका है। नहर में कम पानी पहुंचने की शिकायत करने के बाद किसानों ने कई जगह लगाए जाम नहीं हटाए। इससे करौली और सवाई माधोपुर जिले के कई अहम रास्तों पर 24 घंटों से आवाजाही बाधित है। लगातार जाम रहने से आमजन को दिक्कते आ रही है। बुधवार सुबह दूध समेत विभिन्न दैनिक उपभोग की चीजों की सप्लाई बाधित हुई प्रशासन और पुलिस किसानों से वार्ता कर रहे हैं। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की समझाइश भी जाम नहीं हटवा सकी। दोनों समाजों की ओर से अपने-अपने नेताओं के खिलाफ टिप्पणियों तथा अन्य मामलों को लेकर पुलिस में शिकायतें भी दी गई है।
एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि हरसंभव शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास हैं। दोनों पक्षों से वार्ता की जा रही है। सोशल मीडिया को लेकर उच्च अधिकारियों को बता दिया है। जल्दी कोई समाधान निकाला जाएगा।
हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद बांध से नहरों में पानी निकासी कम होने से कमांड एरिया के किसानों ने गंगापुर सिटी के खंडिप में धरना दिया। वहीं, पांचना बांध के समीपवर्ती 39 गांवों के किसानों ने गुडला पांचना लिफ्ट परियोजना का काम शुरू कर पहले बांध के समीपवर्ती गांवों को पानी पंहुचाने की मांग करते पानी की पहरेदारी की। दोनों पक्षों की ओर से गृह राज्यमंत्री एवं जिला प्रभारी जवाहर सिंह बेढम, कृषि मंत्री डाॅ. किरोड़ी लाल मीणा ने समझाइश की। जयपुर में पांचना बांध समीपवर्ती 39 गांवों के किसानों, कमांड एरिया के किसानों व नदी बहाव क्षेत्र के किसानों की 11-11 सदस्यीय कमेटी बनाकर पानी के मुद्दे का हल निकाला गया।
पांचना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाबाई और हाकिम सिंह बैंसला ने बताया कि सरकार की समझाइश के बाद दो दशक बाद किसानों के लिए पानी खोलने का रास्ता निकला। जलदाय मंत्री रावत और गृह राज्यमंत्री बेढम ने पांचना बांध पर पानी भी टेस्टिंग के लिए खोला। तकनीकी खामियों के चलते नहर में पानी धीमी गति से गया, जो प्रशासन ने रातभर जागकर दुरुस्त करा दिया, लेकिन दूसरे पक्ष के लोग राजनीति की वजह से प्रदर्शन कर रहे जाम कर रहे हैं। दूसरा पक्ष सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। सरकार और प्रशासन समय रहते हुए ऐसे तत्वों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
कमांड क्षेत्र के किसानों की अगुवाई कर रहे रघुवीर मीना ने बताया कि सरकार जब तक मांग पूरी नहीं करेगी, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। नहरों में फुल स्पीड से प्रॉपर-वे में पानी आए। जैसे पूर्व में 3-4 फीट आता था। नहर का पानी आखिरी छोर तक पहुंचे। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ लिखा कि पांचनाा बांध का पानी कमांड एरिया की नहरों के लिए है। नदी की टेस्टिंग के लिए काफी पानी छोड़ा जा चुका है, इसलिए नदी का पानी तुरंत बंद किया जाए। कलेक्टर और एसपी कुसांय में धरनास्थल पर आएं और कमांड एरिया की जनता से माफी मांगे। इन्हीं लोगों की लापरवाही की वजह से नहरों में पानी देरी से और प्रॉपर-वे में नहीं आया है। दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई हो, क्योंकि इस पूरे प्रकरण में इसकी संलिप्तता साफ नजर आती है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत, जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने गुडला पांचना लिफ्ट परियोजना का शिलान्यास किया। इसी के साथ गंभीर नदी और कमांड क्षेत्र के किसानों को पांचना बांध से नहरों में टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ने को गेट खोले। गेटों में तकनीकी खराबी के चलते नहर में धीमी गति से पानी आया। इसे देवली और मथुरा से जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम को बुलाकर ठीक करवाया। कमांड एरिया के किसानों का आरोप था कि जानबूझकर गेट में खराबी की गई है, ताकि पानी का बहाव तेज नहीं हो।
कमांड क्षेत्र के किसानों ने आक्रोश जताते हुए पहले गंगापुर सिटी के कुसाय-रायपुर गांव के सड़क मार्ग को जाम किया। फिर हिण्डौन-करौली मार्ग पर टोडूपुरा मोड़, हिण्डौन-गंगापुर रोड के कटकड पुलिया कोडर मोड़, करौली-गंगापुर सड़क मार्ग पर कुडगांव के पास और एनएच 11 वी हाईवे समेत गांवों से आवागमन के लिए स्थायी अस्थायी रास्तों पर जाम लगा दिया। इनका आरोप है कि कमांड क्षेत्र की नहरों में मानकों के अनुसार पानी नहीं छोड़ा जा रहा। यह कमांड क्षेत्र के किसानों से कुठाराघात है। पुलिस-प्रशासन ने समझाइश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। जाम की सूचना पर कृषि मंत्री करोड़ी करौली पहुंचे और समझाया उन्होंने कहा, आप प्रतिनिधिमंडल बना लो और पांचना बांध पर चलकर चेक कर लो कि पानी खुल रहा है या नहीं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। इस पर मंगलवार रात किरोड़ी जयपुर रवाना हो गए। फिलहाल करौली शहर में चारों तरफ जाम लगा है। रोडवेज के पहिए भी थमे है।