एमएसपी पर फसल खरीद नहीं हुई,किसान सड़कों पर उतरे

अलवर। समर्थन मूल्य पर फसल नहीं खरीदे

जाने को लेकर अलवर की किसानों में इन दोनों गहरा रोष देखने को मिल रहा है।अलवर जिले के बानसूर क्षेत्र के किसानों को लंबे समय से अपनी फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। किसानों का कहना था कि उन्होंने मार्च और अप्रैल माह में ही समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन मई और जून माह आने के बाद भी भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर फसल खरीद शुरू नहीं की गई। इससे किसानों में भारी नाराजगी बनी हुई थी और किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

इसी समस्या को लेकर किसान नेता राकेश दायमा के नेतृत्व में किसानों ने बानसूर कृषि मंडी गेट पर करीब तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कराने की मांग उठाई। बड़ी संख्या में किसान मंडी पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।

किसानों ने बताया कि लंबे समय तक फसल खुले में पड़ी रहने से खराब होने की आशंका लगातार बढ़ रही है। तेज गर्मी और मौसम परिवर्तन के कारण अनाज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना था कि सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में अपनी उपज बाहर के व्यापारियों को कम दामों में बेचनी पड़ रही है। समर्थन मूल्य से कम भाव मिलने के कारण किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है और खेती में लगाया गया खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।

धरना प्रदर्शन के दौरान कृषि उपज मंडी सचिव संदीप कुमार मीणा एवं FCI अधिकारी बादल खत्री मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए तुरंत 5000 बारदानों की व्यवस्था करवाई तथा किसानों की मांगों को भारत सरकार तक पहुंचाने के लिए पत्र भेजा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे।

किसान नेता राकेश दायमा ने कहा कि किसानों की एकजुटता के कारण प्रशासन को किसानों की मांगें माननी पड़ी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के लिए आगे भी संघर्ष जारी रहेगा और किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।

प्रशासन द्वारा मांगें पूरी किए जाने और उचित आश्वासन मिलने के बाद किसान संतुष्ट हुए तथा करीब तीन घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान सुघडा राम जाट, ख्याली राम पटेल, कैलाश चौधरी, संदीप पहलवान, दीपक बोहरा, राजेश रावत, सुरेश मीणा, जगदीश पटेल, मदन चौधरी, शंकर नागा, सरवन सौलंकी, दाया राम मोरुडिया, बंशी यादव, विजय जाट, गोविंद सैनी, विकास सैनी सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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