जयपुर। विधानसभा में सवाल के बदले 20 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक जयकृष्ण पटेल बुधवार को विधानसभा की सदाचार कमेटी के सामने पेश हुए। मामले की जांच कर रहे एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारी संदीप सारस्वत भी कमेटी के समक्ष उपस्थित हुए और अब तक की जांच का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
सदाचार कमेटी के अध्यक्ष कैलाश वर्मा सहित अन्य सदस्यों ने विधायक पटेल और जांच अधिकारी से मामले पर विस्तार से सवाल-जवाब किए। फिलहाल जयकृष्ण पटेल इस प्रकरण में जमानत पर हैं। एसीबी ने 4 मई 2025 को जयकृष्ण पटेल को 20 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। कई महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली थी।
इस मामले में भारत आदिवासी पार्टी ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए अपनी अलग जांच कमेटी गठित की थी, जो अभी जांच कर रही है। विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने यह मामला सदाचार कमेटी को सौंपा था। सितंबर 2025 में मानसून सत्र से पहले रिपोर्ट सौंपने का समय निर्धारित था, लेकिन कमेटी ने अतिरिक्त समय मांगा था, जिसके बाद मामला लंबित चल रहा था। जयकृष्ण पटेल 2024 में बागीदौरा सीट पर हुए उपचुनाव में विजयी होकर विधायक बने थे।
दूसरी ओर इस मामले की जांच कर रहे एसीबी अधिकारी संदीप सारस्वत ने कहा है कि सदाचार कमेटी ने सबूतों के संबंध में जानकारी मांगी थी, जिसे हमने उपलब्ध कराया और अपना पक्ष रखा। हम अगले सप्ताह पूरी चार्जशीट दाखिल कर देंगे। इसमें विधायक के अलावा अन्य आरोपी भी शामिल हैं, उनके खिलाफ भी चार्जशीट पेश की जाएगी। सारस्वत ने कहा कि हर किसी को अपना पक्ष रखने का अधिकार है। कमेटी के सभापति कैलाश वर्मा और अन्य सदस्यों की जिज्ञासाओं का हमने संतोषजनक जवाब दिया। हमने विधायक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया से कमेटी को अवगत कराया। दो अन्य आरोपियों को नवंबर में गिरफ्तार किया गया था, इसलिए सभी की चार्जशीट एक साथ एक सप्ताह में दाखिल की जाएगी।