डोटासरा और जूली का भाजपा सरकार पर तीखा हमला

जयपुर। अरावली के मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि देश की प्राकृतिक संपदाओं को संगठित तरीके से लूटने का काम किया जा रहा है और अब अरावली पर्वतमाला को लूटने का षड्यंत्र भाजपा ने पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं, बल्कि लंबे समय से रची जा रही एक सोची-समझी साजिश का परिणाम है।
डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने जानबूझकर अलवर से चुनाव जीतने वाले भूपेंद्र यादव को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री बनाया और अलवर के ही संजय शर्मा को राज्य में वन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। साथ ही प्रदेश में अनुभवहीन व्यक्ति को सत्ता सौंपी गई, ताकि केंद्र सरकार की मनमानी नीतियों का बिना विवेक इस्तेमाल किए सहयोग किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी रणनीति के तहत अरावली के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने दबाव में जो रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करवाई, उससे साफ हो गया है कि राजस्थान की जीवन रेखा कही जाने वाली अरावली पर्वतमाला को नष्ट करने की दिशा में भाजपा सरकार आगे बढ़ चुकी है। डोटासरा का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अरावली का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा खत्म हो जाएगा, क्योंकि इसे सीधे तौर पर खनन माफिया के हवाले कर दिया जाएगा।
ग्रीन कॉरिडोर का वादा, बनाया अवैध खनन कॉरिडोर
डोटासरा ने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में अरावली को सुरक्षित रखने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का वादा किया गया था, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर इसे अवैध खनन कॉरिडोर में बदल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह इलेक्ट्रोरल बॉन्ड मामले में ईडी और इनकम टैक्स का दुरुपयोग कर कंपनियों से चंदा लिया गया, उसी तरह अब माफियाओं से चंदा लेकर अवैध माइनिंग करवाई जाएगी या चुनिंदा उद्योगपतियों को खनन पट्टे दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान में पूरे देश के मुकाबले सबसे अधिक खनन पट्टे जारी हैं। इसके बावजूद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरिस्का वन क्षेत्र के सीटीएस इलाके की परिभाषा बदलने का प्रयास किया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने विफल कर दिया। डोटासरा के अनुसार, उस साजिश पर जब करारा तमाचा लगा, तो अब अरावली को लेकर नया षड्यंत्र रचा जा रहा है।
डोटासरा ने कहा कि यह बेहद पीड़ादायक है कि राजस्थान में माइनिंग मिनिस्टर भी मुख्यमंत्री हैं, गृह मंत्री भी मुख्यमंत्री हैं और केंद्र के वन एवं पर्यावरण मंत्री भी राजस्थान से ही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सभी ने मिलकर अरावली पर्वतमाला को खत्म करने का षड्यंत्र रचा है। डोटासरा ने कहा कि अरावली केवल एक पर्वतमाला नहीं, बल्कि राजस्थान की आस्था और जीवन रेखा है, और भाजपा नेता इसे नष्ट करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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