गुवाहाटी। क्या कोई सोच सकता है कि एक मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम 405 रन बनाए और पीछा करने वाली टीम इन रनों का पहाड़ सिर्फ दो विकेट खोकर पूरा कर ले और वह भी 6 ओवर शेष रहते। गुवाहाटी में ऐसा ही हुआ जब वेस्टइंडीज ने भारत को 405 रन का लक्ष्य दिया ,जो बहुत भारी लग रहा था, लेकिन कप्तान शुभमन गिल के दोहरे शतक और हिटमैन रोहित शर्मा की सेंचुरी से यह काम बहुत आसानी से भारतीय टीम ने पूरा कर लिया।
भारत ने 406 रनों के लक्ष्य को 43.3 ओवर में दो विकेट खोकर ही हासिल कर लिया। जो वनडे के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल चेस है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 2006 में जोहानिसबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रन के लक्ष्य का पीछा करके इतिहास रचा था।
भारत की तरफ से शुभमन गिल ने वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा। उन्होंने 133 गेंदों में नाबाद 223 रनों की पारी खेली। जिसमें 26 चौके और आठ छक्के शामिल थे। इसके अलावा रोहित शर्मा 75 गेंदों पर 101 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और 6 छक्के लगाए। ये पूर्व कप्तान रोहित का वनडे में 35वां शतक था। इन दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 255 रनों की अहम और मैच जिताओं साझेदारी भी की।
इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने जॉन कैंपबेल (101), शाई होप (104) और आमिर जांगू (114) के शतकों की बदौलत 405 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। बारसापारा की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल रही जिस पर कुल 811 रन बने जो एक मैच में सबसे ज्यादा कुल रन का रिकॉर्ड रहा।
गिल ने अपनी ही टीम के साथी ईशान किशन के 126 गेंद में दोहरे शतक के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 117 गेंद में 200 रन पूरे किए और वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक जड़ दिया इससे पहले गिल ने केवल 62 गेंदों में अपना 11वां वनडे शतक पूरा किया, यह इस प्रारूप में उनका सबसे तेज शतक था।
मैच में रोहित ने 12,000 वनडे रन पूरे कर लिये। वह ऐसा करने वाले केवल सातवें क्रिकेटर तथा सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के बाद तीसरे भारतीय है।