नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी पीएम आवास की ओर कूच कर गए। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी हैं। कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास के बाहर जाकर प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिलने पहुंचे हैं। इस मुद्दे पर पहली बार पीएम मोदी ने भी अपनी बात रखी है। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी घायल छात्रों से मिलने अस्पताल भी गए।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं। सरकार न तो कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही इस पर संसद में बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।”
इससे पहले मानसून सत्र के दूसरे दिन हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। वहीं, दूसरे दिन की कार्यवाही के शुरू होने से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ‘मंगल मिलन बैठक’ बुलाई गई थी, जो अब समाप्त हो गई है। इस बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के नेता शामिल हुए।
इस बैठक में नीट पेपर लीक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक को लेकर चिंताओं के बीच सरकार ‘स्टूडेंट्स के साथ खड़ी है’ और गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आज एनडीए पार्लियामेंट्री पार्टी की ‘मंगल मिलन’ मीटिंग के बाद रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह साफ कर दिया है कि पेपर लीक देश की चिंता का विषय है, जिसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
उधर संसद के दोनों सदनों में आज भी सरकार और विपक्षी सांसदों के बीच गतिरोध बना रहा, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। शून्यकाल और प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गए। राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों के प्रोटेस्ट पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया।
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘कल जो हुआ, वह इस सरकार का लगातार किया जाने वाला बर्ताव है। वकीलों के प्रोटेस्ट, किसानों के प्रोटेस्ट और सीएए प्रोटेस्ट के दौरान भी ऐसी ही चीजें हुईं। यह (प्रोटेस्ट) कई हफ्तों से चल रहा है. आपको पहले स्टूडेंट्स से बातचीत करनी चाहिए थी। आप जो विजुअल्स सामने आए हैं, उन्हें देख सकते हैं. यह पूरी तरह से अव्यवस्था है। ‘
सीजेपी प्रोटेस्ट पर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘स्टूडेंट्स और नौजवानों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, और सरकार को बदनाम किया जा रहा है। डॉक्टरों ने कहा है कि कई स्टूडेंट्स सिर में गंभीर चोटों के साथ आए थे। क्या सरकार का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा यही है? क्या यही डेवलप्ड इंडिया का रास्ता है या ‘विश्वगुरु’ बनने का? अगर नीट एग्जाम में गड़बड़ियां हुईं और पेपर लीक हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की है. यह सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश समेत बीजेपी शासित राज्यों में भी पेपर लीक हो रहे हैं। बीजेपी अपने मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि उसे डर है कि वे छिपे हुए फैक्ट्स सामने ला सकते हैं।’