जयपुर। कोटा बीकानेर और जोधपुर के बाद भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत के बाद में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल खड़े किए हैं।
जूली ने कहा कि कोटा, बीकानेर, जोधपुर के बाद अब भीलवाड़ा में 6 दिनों में 5 प्रसूताओं की मौत यह प्रत्यक्ष प्रमाण है कि राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर पहुँच चुकी है। ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बावजूद लगातार सीज़ेरियन करना, 30–40 ऑपरेशनों के बीच केवल 5 सर्जिकल सेट होना और एक के बाद एक माताओं-बहनों की जान जाना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सरकार की घोर संवेदनहीनता, आपराधिक लापरवाही और स्वास्थ्य तंत्र के पूर्ण पतन का भयावह उदाहरण है।
जूली ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री जी, आखिर राजस्थान और कितना सहेगा? प्रदेश की माताएँ-बहनें कोई प्रयोगशाला का हिस्सा नहीं हैं कि सरकारी लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाएँ। जब अस्पताल जीवन बचाने के बजाय मौत के केंद्र बन जाएँ और आप एक शब्द बोलना भी उचित न समझे, तो इससे अधिक शर्मनाक स्थिति इस प्रदेश के लिए और कुछ नहीं हो सकती।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज आप केकड़ी के दौरे पर भी हैं और भीलवाड़ा कुछ ही दूरी पर है। यदि आपके भीतर संवेदनशीलता और मानवीयता शेष है तो मंचों से भाषण देने के बजाय पहले भीलवाड़ा पहुँचिए, पीड़ित परिवारों की आँखों में देखिए और उस स्वास्थ्य व्यवस्था को ऑक्सीजन देने का काम कीजिए जिसे आपकी सरकार ने वेंटिलेटर पर पहुँचा दिया है।
टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री को कहा कि प्रदेश की जनता को जवाब दीजिए, की आपने उन्हें भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया है? एक के बाद एक सामने आ रही ऐसी घटनाएँ बता रही हैं कि सरकार का ध्यान जनता के जीवन पर नहीं, आपकी खुद की ब्रांडिंग, झूठे प्रचार और रील बनाने पर है।
जूली ने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएँ जताते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवारों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।