टोंक। देवली-उनियारा विधानसभा क्षैत्र के पेयजल समस्या को लेकर नरेश मीणा सोमवार को टोंक जिला मुख्यालय धरना देने पहुंचे। जहां समस्या को लेकर टोंक कलेक्टर टीना डाबी से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया। कलेक्टर टीना डाबी से लंबी वार्ता व मिले आश्वासन के बाद नरेश मीणा ने धरना स्थगित करते हुए कहा कि जिला कलेक्टर ने हमें पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है और एक्शन प्लान के बारे में बताया है। समस्या को लेकर नरेश मीणा ने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी थी। इस कारण कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
कलेक्टर से चर्चा के बाद भगत सिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा ने अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी वापिस ले ली। नरेश मीणा ने अपने धरने की यह चेतावनी जिला कलेक्टर टीना डाबी से कलेक्टर चेंबर में हुई लंबी वार्ता के बाद वापिस ली है। अपने धरने की चेतावनी वापस लिए जाने की घोषणा के बाद जिला प्रशासन व पुलिस ने राहत की सांस ली है। इससे पहले नरेश मीणा के अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचने व धरने की चेतावनी के मद्देनजर सोमवार सुबह लगभग 11 बजे से ही कलेक्ट्रेट में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई थी। ख़ासबात यह कि पहली बार कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों तक को बेरिकेड्स लगा बंद कर दिया गया था। नरेश मीणा व उनके समर्थक किसी भी तरह से सीधे कलेक्टर चेंबर तक नहीं पहुंचें, इसे लेकर तीन थानों के अलावा पुलिस लाइन से बुलाया गया विशेष जाप्ता पूरी तरह से चाक चौबंद नजर आया।इससे पहले चेतावनी के अनुरूप नरेश मीणा दोपहर लगभग साढे बारह बजे दर्जनों वाहनों के काफिले व सैंकड़ों समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां नरेश मीणा ने पहले कार्यकर्ताओं व जनसमस्याओं को लेकर आए लोगों से मुलाकात की, जहां नारेबाजी भी देखने को मिली। बाद में नरेश मीणा को पीड़ितों व चुनिंदा समर्थकों के साथ कलेक्टर टीना डाबी के चेंबर में देवली-उनियारा उपखंड क्षेत्र में पेयजल किल्लत व अन्य लंबित चल रही समस्याओं को लेकर कलेक्टर टीना डाबी से संबंधित विभागाधिकारीयों की मौजूदगी में बिंदूवार चर्चा की। कलेक्टर टीना डाबी द्वारा पेयजल समस्या सहित अन्य सभी मांगों का हल 7 दिन में निकाले जाने के आश्वासन के बाद नरेश मीणा ने मीडिया व समर्थकों की मौजूदगी में अपने धरने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
मीणा ने कहा कि वे कलेक्टर टीना डाबी की कार्यशैली से खासे प्रभावित हुए हैं। नरेश मीणा ने कहा कि हमने जिन-जिन समस्याओं से उन्हें अवगत कराया, उन्होंने विभाग के अधिकारीयों के सामने निकाले जाने वाले हल व समयावधि को लेकर खुली चर्चा की जो उनकी कार्यकुशलता को दर्शाता है।
नरेश मीणा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सात दिनों के भीतर पेयजल समस्या सहित अन्य सभी समस्याओं का हल निकल जाएगा और उन्हें सात दिन बाद भी किसी तरह का आंदोलन किए जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नरेश मीणा ने कहा कि गर्मी में पेयजल सबसे बड़ी समस्या है और उसके लिए कलेक्टर टीना डाबी ने टैंकरों से पेयजल आपूर्ति का आश्वासन दे दिया है।
नरेश मीणा ने पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मंत्री स्वयं टोंक जिले के हैं। ऐसे में यहां कि पेयजल समस्या का निस्तारण प्राथमिक स्तर पर ही कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन यहां के लोगों को टैंकरों का पानी खरीदना पड़ रहा है। यह सबसे बड़ी विडंबना है। नरेश मीणा ने कहा कि जो टोंक जिले की पेयजल समस्या का निराकरण नहीं कर पा रहा हो वह पूरे राजस्थान की समस्या का निराकरण कैसे कर पाएगा।