अजमेर। राजस्थान के पुष्कर में संगठन सृजन अभियान के जरिए चुनकर आए राजस्थान कांग्रेस के 50 और दिल्ली कांग्रेस के 15 जिला अध्यक्षों का संयुक्त 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शनिवार को एक निजी रिसोर्ट में शुरू हुआ। 1 जून तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में जिलाध्यक्षों को पार्टी की रीति-नीति, इतिहास, कांग्रेस का देश के नव निर्माण में योगदान, संगठन चलाने के गुर सहित आगामी निकाय पंचायत चुनाव में कामकाज को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राजस्थान कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्षों के पहुंचने के बाद पहला सत्र दोपहर 3 बजे शुरू हुआ।
प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन पहले सत्र को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संबोधित किया और अपने राजनीतिक अनुभव जिलाध्यक्षों के साथ साझा किया। वहीं पार्टी के गठन से लेकर अब तक के इतिहास पर भी प्रकाश डाला।
शिविर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख सचिन राव ने टैली प्रोजेक्टर के जरिए महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजिनी नायडू जैसी नेताओं के भाषण की वीडियो भी दिखाए। वहीं प्रशिक्षण शिविर में अब कल से सुबह 8 से लेकर शाम 5 बजे तक अलग-अलग सत्र शुरू होंगे, जिसमें अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ जिलाध्यक्षों को प्रशिक्षण देंगे जिसमें समसामयिक विषयों पर भी भाषण होंगे।
प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिन 1 जून को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भी प्रशिक्षण शिविर में आना प्रस्तावित है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी के जिलाध्यक्षों को रीति-नीति और कल्चर और अनुशासन का पाठ पढ़ाएंगे। हालांकि दिलचस्प यह है कि राजस्थान कांग्रेस में ऐसा पहली बार हो रहा है,जब जिलाध्यक्षों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहे हैं। पहले दो से तीन दिन के ही प्रशिक्षण शिविर हुआ करते थे।
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि 10 दिवसीय प्रशिक्षण से शिविर की समाप्ति के बाद जिलाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके तहत ब्लॉक, मंडल और जिले में कार्यकर्ताओं को नीति-नीति, कल्चर का पाठ पढ़ाया जाएगा। उन्हें वैचारिक तौर पर मजबूत किया जाएगा, जिससे कि कार्यकर्ता ग्रास रूट पर भाजपा और आरएसएस की विचारधारा से मुकाबला कर सके।
शिविर में संगठन की मजबूती, आगामी रणनीति, जनहित के मुद्दे, राजस्थान के इतिहास और विकास में कांग्रेस का योगदान आदि विषयों पर अलग-अलग सत्र हो रहे हैं। शिविर के दौरान ही एक दिन सभी जिला अध्यक्ष आसपास के गांव में जाकर ग्रामीणों से संवाद करेंगे। साथ ही रात्रि भोजन करने के बाद विश्राम भी गांव में ही करेंगे। इसी तरह एक दिन मनरेगा कार्य का निरीक्षण किया जाएगा। शिविर में रहने वाले जिलाध्यक्ष अपना काम स्वयं करेंगे। खाने की प्लेट खुद धोएंगे। शिविर में एक दिन सफाई अभियान में जिलाध्यक्ष श्रमदान भी करेंगे।सत्र कक्ष में सभी जिला अध्यक्ष के बैठने की व्यवस्था जमीन पर ही की गई है।