जयपुर। स्थानीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा की समितियां बनने के साथ बवाल हो गया। बवाल बढने के बाद में राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवारी को संचालन समिति से बाहर कर दिया गया। हालांकि उन्हें कम महत्व की चुनाव घोषणा पत्र समिति का सदस्य बनाया गया है। वैसे इस बदलाव को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सामान्य प्रक्रिया बताते हैं, लेकिन निश्चित है कि भाजपा के अंदर चुनाव से पहले शिकवे शिकायतों का दौर शुरू हो चुका है।
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने पहली सूची को लेकर उठे सवालों के बाद चुनाव संभाग प्रभारियों में बड़ा बदलाव किया गए है गृह जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर आपत्ति आने के बाद भाजपा ने जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए नई सूची जारी की। इस सूची में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी को संभागीय चुनाव संचालन समिति से बाहर करते हुए स्थानीय निकाय चुनाव घोषणा पत्र समिति में जयपुर की जिम्मेदारी दी है। इसके साथ ही स्थानीय निकाय चुनाव के लिए घोषणा पत्र समिति का भी गठन किया गया है, जिससे साफ संकेत मिले हैं कि पार्टी अब चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई है।
दरअसल, पहली सूची में कुछ नेताओं को उनके गृह जिले का प्रभारी बनाया गया था, जिसे संगठन के स्थापित नियमों के विपरीत माना गया। यह मुद्दा शनिवार को हुई कमेटी की बैठक में भी उठा, जिसके बाद संगठन ने तत्काल संशोधन करते हुए कई नेताओं की जिम्मेदारियां बदल दीं। फेरबदल में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी को संभागीय चुनाव संचालन समिति से हटाया गया और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्न चंद मेहता को लाया गया, जबकि शंकर सिंह राजपुरोहित को भरतपुर से जयपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया को जयपुर से अजमेर भेजा गया है। पूर्व सांसद राजेंद्र गहलोत को बीकानेर, जबकि ज्योति मिर्धा को अजमेर से बीकानेर की जिम्मेदारी दी गई है। वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को भरतपुर से अजमेर, वहीं राज्यसभा सांसद अलका सिंह को भरतपुर संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अशोक परनामी को अजमेर से भरतपुर लगाया गया है।
बदलाव के बाद जयपुर संभाग में पूर्व उपाध्यक्ष प्रसन्न चंद मेहता, पूर्व विधायक शंकर सिंह राजपुरोहित और पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी को लगाया है। उदयपुर संभाग में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व सांसद नारायण पंचारिया, पूर्व सांसद जसकौर मीणा को जिम्मेदारी दी गई है। जोधपुर संभाग में पूर्व राज्यसभा सांसद ओंकार सिंह, पूर्व सांसद सीआर चौधरी, पूर्व विधायक हेमराज मीणा को जिम्मेदारी दी गई। कोटा संभाग में अब सांसद सीपी जोशी, पूर्व सांसद अर्जुन लाल मीणा, पूर्व विधायक अजीत मेहता को जिम्मेदारी दी गई है।
इसी तरह से अजमेर संभाग में वित्त आयोग अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी, पूर्व सासंद देवजी भाई पटेल और पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया को जिम्मेदारी संभालेंगे।
भरतपुर संभाग की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, सांसद अलका सिंह, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष हरीराम रिणवा को दी गई है। वहीं बीकानेर संभाग में प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, पूर्व सांसद राजेन्द्र गहलोत, पूर्व सांसद जसवंत सिंह विश्नोई और प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा जिम्मेदारी संभालेंगे
इसी के साथ भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव के लिए घोषणा पत्र समिति का गठन करते हुए जयपुर के लिए राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता और पूर्व महापौर सौम्या गुर्जर को जयपुर की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा झुंझुनूं में संतोष अहलावत, जोधपुर में राजेंद्र कुमार गहलोत, सीकर में श्रवण सिंह बगड़ी, कोटा में महेश विजयवर्गीय, उदयपुर में गोविंद टांक, अजमेर में बृजलता हाड़ा, बीकानेर में सुशीला राजपुरोहित, बांसवाड़ा में कृष्ण कटारा, भीलवाड़ा में राकेश शर्मा और भरतपुर में गिरीश चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी के साथ संगठनात्मक स्तर पर भी भाजपा ने नवगठित जिलों में कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करते हुए सलूम्बर में चंद्रशेखर जोशी, कोटपूतली-बहरोड़ में सुरेश सैनी, जयपुर देहात उत्तर में जितेंद्र शर्मा, ब्यावर में आशीष सांड और डीग-कुम्हेर में सतीश बंसल को जिम्मेदारी दी गई है।