जयपुर। मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण SIR में गड़बड़ी और कथित वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन और एआईसीसी की ओर से देशभर में काला दिवस मनाए जाने के आव्हान के तहत राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस की ओर से जिला मुख्यालयों पर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। जयपुर में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के नेतृत्व ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों में समाजवादी पार्टी और वामदलों के कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रभारी पुखराज पाराशर, पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, विधायक रफीक खान, प्रताप सिंह खाचरियावास सहित कई नेता शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे तक मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई, कलेक्ट्रेट के आसपास जाम लग गया। बाद में डोटासरा और जूली ने 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का आह्वान किया।
डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है. उन्हें घसीटा जा रहा है, वे सिर्फ वोट चोरी की जांच की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस ने अंग्रेजों तक को भगाया है तो मोदी-शाह क्या हैं, जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन होगा। जूली बोले, चुनाव आयुक्त क्या विदेशी हैं, जो नहीं मिल सकते। इसी प्रकार बूंदी जिला मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काला दिवस मनाया और कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि दिल्ली में आंदोलन कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ सम्मानजक व्यवहार नहीं हो रहा। राहुल गांधी क्या चाह रहे हैं, वे सिर्फ वोट की चोरी जांच करने और दोषियों को हटाने की मांग कर रहे हैं। कम से कम उनकी बात तो सुनी जानी चाहिए। ऐसा नहीं होगा तो कांग्रेस के लोग गांधीवादी तरीके से आंदोलन करेंगे और राहुल गांधी वही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के तमाम सांसदों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा है, उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है।
डोटासरा ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा,’ हम कांग्रेस के सिपाही हैं, जिसने इस देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी है, जब हमने अंग्रेजों को इस देश से भगा दिया तो फिर मोदी-शाह क्या चीज हैं।’ उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में जंतर-मंतर पर बहुत बड़ा आंदोलन हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में राजस्थान से 50 हजार कार्यकर्ता दिल्ली कूच करेंगे। वे बोले कि आंदोलन इतना विशाल होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा तक देना पड़ सकता है।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष के साथ मारपीट हो रही है, उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है। क्या चुनाव आयुक्त विदेशी हैं, जो उनसे नहीं मिल सकते हैं? देश का आम जनप्रतिनिधि और आम आदमी भी चुनाव आयोग जाकर मिल सकता है। मोदी सरकार गुंडागर्दी कर रही है, चारों तरफ पुलिस का पहरा लगा देते हैं। उन्होंने कहा कि देश के संविधान में लोगों को विरोध करने का अधिकार दिया है, जब सरकार लोगों की नहीं सुनेगी तो लोगों को मजबूत होकर सड़कों पर उतरना पड़ता है।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि देश के नेता प्रतिपक्ष को सड़कों पर घसीटा जा रहा है, उनके साथ धक्का-मुक्की हो रही है। क्या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है कि उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसी की नहीं सुन रही है, ऐसे में देश कैसे चलेगा, जंतर-मंतर पर किसी को खड़ा नहीं होने दे रहे हैं। सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि कोई मंत्री जाकर राहुल गांधी से बात करे। खुद ज्ञानेश कुमार को जाकर राहुल गांधी से बात करनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष को विश्वास में लिया जाना चाहिए।