पं दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती पर उनकी जन्मस्थली धानक्या में “एकात्म मानववाद से मानव कल्याण ” विषय पर संगोष्ठी तथा निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन
एकात्म मानववाद तथा अन्त्योदय के सिद्धान्त को अपनी जीवनशैली का बनाएँ हिस्सा -अजय असवाल
शान्ति एवं अहिंसा विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती पर उनकी जन्मस्थली धानक्या, जयपुर में स्थित राजकीय उ. मा. विद्यालय में पं दीनदयाल उपाध्याय जी के दर्शन “एकात्म मानववाद से मानवकल्याण” विषय पर संगोष्ठी एवं विद्यार्थियों के लिए निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम” के सामूहिक गान से कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया। अजय असवाल, निदेशक, शांति एवं अहिंसा निदेशालय द्वारा पं दीनदयाल जी के दर्शन पर प्रकाश डालते हुए मानव कल्याण हेतु सभी व्यक्यिों द्वारा स्वयं के साथ-साथ समग्र समाज की सुविधा एवं कल्याण हेतु दैनिक जीवन में छोटी-छोटी एवं अच्छी आदतें अंगीकार करने की आवश्यकता पर बल डाला। उन्होने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए एवं रोजमर्रा के उदाहरण देते हुए उनको स्वयं के मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास के साथ समाज के विकास एवं उन्नति के लिए कार्य करते हुए एकात्म मानववाद को अपनी जीवनशैली में अंगीकृत करने का आह्वान किया।
संगोष्ठी में विद्यालय की व्याख्याता आशा यादव तथा सपना स्वामी एवं विद्यार्थी अर्जुन जाजोरिया व भावना उज्जैनिया द्वारा पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन एवं दर्शन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों द्वारा बताया गया कि उपाध्याय जी जैसे महापुरूष की जन्मस्थली धानक्या से ही होने के कारण वे गौरान्वित भी महसूस करते हैं तथा उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित भी होते हैं।
निबन्ध प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों द्वारा उत्साह के साथ भाग लिया गया। अपने निबन्धों में विद्यार्थियों द्वारा उपाध्यायजी के सिद्धान्तों पर चलने से होने वाले जनहित एवं सामाजिक सरोकारों के मूल्यों में वृद्धि का उल्लेख किया। जिसमें पूजा सैन पुत्री श्री महावीर कक्षा 10वीं को प्रथम, पूजा सैन पुत्री बाबूलाल कक्षा 10वीं को द्वितीय तथा विशाल उज्जैनिया कक्षा 12वीं को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर निदेशालय द्वारा स्मृति चिह्न तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों को पं0 दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय समारक, धानक्या का भ्रमण भी करवाया गया। इस पैनोरमा स्थल पर रेल्वे स्टाफ क्वार्टर जहाँ उनका बचपन व्यतीत हुआ उसे संरक्षित रखा गया है तथा म्यूजियम में उनके जीवन से जुड़ी हुई समस्त महत्वपूर्ण घटनाओं, उपलब्धियों तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को दर्शाया गया है।
कार्यक्रम में शांति एवं अहिंसा निदेशालय की उप निदेशक, मधु रघुवंशी, वरिष्ठ लेखाधिकारी महिमा पचार तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेश मीणा सहित निदेशालय व विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
“एकात्म मानववाद से मानव कल्याण ” विषय पर संगोष्ठी तथा निबन्ध प्रतियोगिता