कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग को लेकर भी सर्व समाज ने किया sdm कार्यालय का घेराव, राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
बूंदी। किसान नेता नरेश मीणा एवं अंता के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग को लेकर सोमवार को सर्व समाज के आह्वान पर पाटन में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने बारां एसडीएम कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया तथा राज्यपाल महोदय के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर दोनों की रिहाई सहित विभिन्न मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसान नेता नरेश मीणा के विरुद्ध झालावाड़ के कोतवाली थाना प्रकरण संख्या 504/2025 की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उपलब्ध घटनाक्रम और वीडियो फुटेज के आधार पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए तथा यदि आरोप साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं होते हैं तो प्रकरण की पुनः समीक्षा कर न्यायोचित कार्रवाई की जाए।
वक्ताओं ने कहा कि नरेश मीणा लगातार किसानों और आम जनता के मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके खिलाफ दर्ज प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिया जाना चाहिए और नरेश मीणा को तत्काल जेल से रिहा किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी रिहाई नहीं हुई तो जनआक्रोश बढ़ेगा और आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
वहीं, पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की लंबे समय से लंबित दया याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग भी ज्ञापन में की गई। प्रदर्शनकारियों ने उनके स्वास्थ्य को देखते हुए राज्यपाल महोदय से उनकी शेष सजा माफ कर तत्काल जेल से रिहा करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलनों में भाग लेने वाले नागरिकों के साथ निष्पक्ष और न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि न्याय, लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की लड़ाई है।
मीडिया प्रभारी राकेश बैंसला ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्व समाज के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नरेश मीणा एवं कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग को लेकर sdm कार्यालय का घेराव किया और राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
सर्व समाज के लोगों ने राज्यपाल महोदय से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेकर नरेश मीणा एवं कंवरलाल मीणा की रिहाई के संबंध में उचित एवं न्यायपूर्ण कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को बूंदी जिले से आगे राजस्थान के विभिन्न जिलों तक विस्तार देते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी।