नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के नाम संबोधन को पूरी तरह से जेन-जी को लेकर केंद्रित रखा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार देश के युवाओं के लिए काम में जुटी है। इस मौके पर उन्होंने युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान भी किए।
उन्होंने कहा कि अब देश के छोटे शहरों और गावों के मेधावी छात्र महंगी कोचिंग फीस के चलते पढ़ाई नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एक ऐसा डिजिटल और ऑन ग्राउंड नेटवर्क बनाने में जुटी है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को देश की टॉप फैकल्टीज और पढ़ाई से संबंधित डॉक्यूमेंट्स फ्री में उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किलिंग कोर्स में प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश में तकनीकी विकास के महत्व पर जोर दिया, और कहा कि जो उनके ‘सप्तधारा’ (शक्ति की सात धाराएँ) विजन का हिस्सा हैं। पीएम ने इस साल फरवरी में आयोजित अहम ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के बारे में बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार सुरक्षा से जुड़ी बदलती चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक ट्रेनिंग और बेहतर क्षमताओं के साथ सिविल डिफेंस में सुधार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गांवों और शहरों में 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए देश भर में स्पोर्ट्स टैलेंट हंट शुरू किया जाएगा।
लाल किले से मोदी ने कहा कि मैं आज लाल किले से घोषणा करता हूं कि आने वाले दिनों में हम एक मजबूत सिविल डिफेंस नेटवर्क बनाएंगे। हम उन्हें आधुनिक सिस्टम से परिचित कराएंगे. आज के दौर के संकटों से नागरिकों को बचाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं? हम एक बहुत बड़ी, आधुनिक सिविल डिफेंस वॉलंटियर फोर्स बनाने जा रहे हैं जो आज की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्र-निर्माण में हमारी बहनों और बेटियों का योगदान हम सभी के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। चाहे फाइटर जेट हों या सिविल एविएशन, हमारी बेटियां सबसे आगे हैं। खेल का मैदान हो या STEM शिक्षा, हमारी बेटियां नेतृत्व कर रही हैं। यहां तक कि सशस्त्र बलों में भी, एनडीए (NDA) से पास होने वाली बेटियां पूरे आत्मविश्वास और अधिकार के साथ देश की सेना का नेतृत्व करने की क्षमता दिखा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले एक-दो साल में सात से आठ नए प्रोडक्शन प्लांट शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर क्षमता हासिल करना है, और अगले छह-सात साल में पांच नए रिएक्टर शुरू होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए भारत को सात प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए, जिनमें मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी शामिल हैं. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग में लागत, गुणवत्ता और पैमाने के महत्व पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपको ‘सप्त सिंधु’ की याद दिलाना चाहता हूं. अब, एक विकसित भारत बनाने के लिए हमें एक नई ऊर्जा की जरूरत है। ‘सप्त धारा’ की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर है। इसके लिए हमें तीन चीजों पर ध्यान देना होगा: लागत, क्वालिटी और स्केल. क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यही हमारी ब्रांड वैल्यू होगी। दूसरी शक्ति फ़ूड प्रोसेसिंग है। नए FTA के साथ, अब हमारी पहुंच बड़े ग्लोबल मार्केट तक हो गई है। तीसरी शक्ति टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी है।
पीएम मोदी ने कहा कि सप्तधारा की तीसरी ताकत टेक्नोलॉजी और इनोवेशन है। यह रोबोटिक्स, AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और डेटा सेंटर्स का दौर है। नई-नई टेक्नोलॉजी नई चुनौतियां पेश कर रही हैं और हमें इनोवेशन का ग्लोबल हब बनना होगा। उन्होंने कहा कि हमने UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए अपनी ताकत पहले ही साबित कर दी है। अब हमें अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में अगला बड़ा कदम उठाना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य देश के युवाओं से जुड़ा होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, जब मैं देश को तेजी से आगे ले जाने की बात करता हूं, तो इस विजन का सबसे बड़ा फ़ायदा उठाने वाले और इसे साकार करने वाले मेरे देश के युवा हैं – मेरे देश की युवा शक्ति। इतना ही नहीं, विकसित भारत का सबसे बड़ा फायदा भी मेरे देश के युवाओं को ही मिलेगा।
इसलिए, हमें विकसित भारत के लक्ष्य को अपने युवाओं से जोड़कर आगे बढ़ाना चाहिए।