बूंदी। यहां के जिला अस्पताल स्थित जनाना अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद जमकर बवाल हो गया। बवाल शांत नहीं हुआ, तो तीन थानों की पुलिस बुलाकर मामला संभालने की कोशिश की गई।
जिला जनाना अस्पताल में धनातरी गांव निवासी प्रसूता की प्रसव के दौरान मौत होने के बाद परिजनों ने अस्पताल में एक महिला चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध करते हुए चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। साथ काफी देर तक लेबर रूम से शव नहीं उठाने दिया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा परिजनों से समझाइश का प्रयास किया। मामला बढ़ने पर कोतवाली थाना पुलिस के साथ अन्य थानों से भी पुलिस जाप्ता मौके पर बुलाया गया। अस्पताल परिसर और मुख्य गेट के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। डीएसपी अनिल जोशी, तहसीलदार सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार परिजनों से बातचीत करते रहे।
जानकारी के अनुसार धनातरी गांव निवासी निशा मीणा को प्रसव के लिए 7 अगस्त को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार प्रसव के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और अत्यधिक ब्लडिंग होने लगी। परिजनों का आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं मिला। उनका कहना था कि निशा काफी देर तक दर्द और परेशानी में रही तथा उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद प्रसूता की मौत हो गई। प्रसूता की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार और चिकित्सकीय सहायता मिलती, तो प्रसूता की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि इस घटना में राहत की बात यह रही कि नवजात बच्चे को बचा लिया गया। बच्चे की स्थिति को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।