जयपुर। यूजीसी एक्ट के खिलाफ निकाली गई ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ के समापन पर ही पुलिस कार्यवाही पर आक्रोश भड़क गया है। श्री राजपूत करणी सेना ने जयपुर में हुई पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारी देवराज सिंह की मौत पर राज्य सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने पुलिस कार्यवाही पर साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। साथ ही आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा के खिलाफ घर-घर जाकर प्रचार करने की भी घोषणा की गई है. मकराना ने कहा कि सरकार के पास 7 दिन का समय है, मांगें पूरी नहीं हुई और सरकार ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो सीएम हाउस घेरेंगे।
महिपाल मकराना ने कहा कि संगठन ने 24 दिनों में करीब 800 किलोमीटर की शांतिपूर्ण पदयात्रा कर गांधीवादी तरीके से यूजीसी के मुद्दे पर लोगों को जागरूक किया। यात्रा के जयपुर पहुंचने पर प्रशासन से बातचीत होने के बावजूद कालवाड़ पुलिया के नीचे बैरिकेड लगाकर यात्रा को रोक दिया गया। मकराना ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं, युवाओं और बच्चों पर भी वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में उनके साथी देवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि प्रशासन चाहता तो यात्रा शांतिपूर्वक आगे बढ़ सकती थी, लेकिन पुलिस ने इसे जानबुझ कर बिगाड़ा।
मकराना ने कहा कि अब सरकार के पास 7 दिन का समय है। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुई और सरकार ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो सीएम हाउस घेरेंगे। मकराना ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि वाटर कैनन चलाने और कार्रवाई में शामिल अधिकारियों के निलंबन की मांग करते हुए विशेष रूप से पुलिस अधिकारी बी.एल. मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई, साथ ही देवराज सिंह के परिजनों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की भी मांग की। मकराना ने कहा कि जब तक संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर मकराना ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर सरकार ने उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो करणी सेना पूरे प्रदेश में भाजपा के खिलाफ अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से भाजपा को वोट नहीं देने की अपील करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई क्षेत्रों में सवर्ण समाज निर्णायक भूमिका में हैं और उसका राजनीतिक प्रभाव चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि सात दिन बाद आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। इसमें जयपुर बंद, मुख्यमंत्री आवास का घेराव अथवा राजस्थान बंद जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। मकराना ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा, लेकिन न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।