हजारों किसानों के साथ नरेश मीणा का छबड़ा में बड़ा आंदोलन, प्रशासन ने मानी प्रमुख मांगें
छबड़ा। किसान नेता नरेश मीणा द्वारा एक दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर किसानों की खाद समस्या एवं कालाबाजारी के मुद्दे को लेकर 12 जून को छबड़ा एसडीएम से मिलने की घोषणा की गई थी। वीडियो जारी होने के बाद किसानों में भारी उत्साह देखने को मिला और आज निर्धारित समय से पहले ही हजारों किसान उनके आह्वान पर छबड़ा एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। किसानों की भारी उपस्थिति ने प्रशासन का ध्यान किसानों की गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
किसानों की खाद संकट, कालाबाजारी, एवं अन्य जनहित से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान नेता नरेश मीणा के नेतृत्व में आज छबड़ा में विशाल किसान आंदोलन आयोजित किया गया। आंदोलन के दौरान हजारों किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद किसान प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई।
बैठक में छबड़ा एसडीएम, संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषि विभाग के प्रतिनिधि तथा वृत्ताधिकारी (सीओ) छबड़ा मौजूद रहे। किसान नेताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की।
वार्ता के दौरान किसानों ने पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने, खाद एवं कृषि आदानों की कालाबाजारी पर रोक लगाने, सहकारी समितियों पर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित तथा किसानों के लंबित मामलों का निपटारा करने की मांग उठाई।
प्रशासन ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कई प्रमुख मांगों पर सहमति व्यक्त की तथा आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन द्वारा खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, संबंधित विभागों को नियमित निगरानी के निर्देश देने, किसानों की शिकायतों संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाने पर सहमति जताई गई।
किसान नेता नरेश मीणा ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की जायज मांगों को लेकर संघर्ष लगातार जारी रहेगा और प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर किसान संगठन पूरी नजर रखेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में किसानों के हितों की अनदेखी की गई या सहमति के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों को साथ लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में बड़ी संख्या में किसान एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। किसानों ने प्रशासन द्वारा सकारात्मक रुख अपनाने और मांगों पर सहमति व्यक्त करने का स्वागत किया तथा शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।