जयपुर। पेट्रोल–डीजल की बचत करने की प्रधानमंत्री की अपील के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। अब सरकारी खर्च कम करने के लिए वित्त विभाग ने तमाम विभागों को सर्कुलर जारी करते हुए मंत्रियों ने भी काफिले में संख्या घटा दी है, इसलिए अब अधिकारियों को भी पेट्रोल–डीजल की बचत करनी होगी। एक ही दिशा में रहने वाले अधिकारियों को कार पुलिंग करके दफ्तर आना होगा।
वहीं सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि मंत्रियों और अधिकारियों की सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा पर पूरी तरीके से रोक रहेगी। इसके साथ ही अब सरकारी विभागों और स्वायत्तशासी संस्थाओं की की बैठकें होटलों में नहीं होगी। उन्हें विभाग के ही सरकारी भवनों में बैठक करनी होगी। साथ ही सरकार में जहां तक संभव हो सके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही बैठक की जाए और इसके साथ ही सरकारी कामकाज में ई–ऑफिस, ई–फाइल का उपयोग ज्यादा किया जाए।
आदेश में कहा गया है कि सभी विभागों में धीरे-धीरे पेट्रोल–डीजल की बजाय इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल खरीदे जाएंगे। जिन अधिकारियों का काम केवल शहर में ही है, उन्हें इलेक्ट्रिकल व्हीकल दिए जाएंगे। संविदा वाहनों में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल को ही प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए जल्द ही योजना तैयार होगी और वर्तमान में लंबित सभी प्रस्तावों को नियमानुसार अनुमोदन किया जाएगा।
वहीं सभी सरकारी भवनों में बिजली के लिए सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना की जाएगी. कार्यालय में बिजली की बचत के लिए कार्यालय समय के दौरान बिजली उपकरणों का उपयोग का सही इस्तेमाल होगा और कार्यालय के पश्चात उपकरण तुरंत बंद कर दिए जाएंगे। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव वैभव गालरिया ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि यह आदेश तमाम राजकीय उपक्रमों, कंपनियों, बोर्ड्स, समस्त विश्वविद्यालय, अनुदानित संस्थाओं, निकाय और राज्य सरकार पर निर्भर तमाम संस्थाओं में लागू होंगे।