किसान महापंचायत खण्डीप में उमड़ा जन सैलाब
गंगापुरसिटी। खण्डीप में चल रहे किसान धरने का आज 15वां दिन रहा। धरने पर बैठे कमाण्ड क्षेत्र के किसान माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशानुसार पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं। धरना स्थल पर प्रतिदिन विभिन्न गांवों के किसान, महिलाएं, युवा एवं पंच-पटेल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।
धरने में पूर्व मंत्री गोलमा देवी पहुंची और वहां संबोधन के बाद उन्होंने धरने पर बैठने की घोषणा कर दी और कहा कि जब तक पानी नहीं खोला जाएगा तब तक वह धरने से नहीं उठेगी। विधायक रामकेश मीना ने धरना स्थल के मंच से किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह न्याय और अन्याय की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि किसान सरकार से न्याय की मांग को लेकर हर स्तर पर प्रयास कर चुके हैं, लेकिन धरने के 15 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को कम आंक रही है तथा उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है।
विधायक ने कहा कि किसान केवल माननीय न्यायालय के आदेश की पालना चाहते हैं। वे सरकार से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मांग रहे, बल्कि अपने हिस्से का पानी मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवलेन मोड़ पर आयोजित महापंचायत में 360 गांवों के किसानों की मांग भी सामने आई है और सरकार सभी क्षेत्रों को पानी दे, इस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के गृहमंत्री हाल ही में धरना स्थल से कुछ किलोमीटर दूर ग्राम कोड़िया पहुंचे थे, लेकिन किसानों के बीच आने की आवश्यकता नहीं समझी। इससे किसानों में निराशा व्याप्त है। विधायक ने कहा कि आंदोलन को दबाने या डराने की किसी भी कोशिश से किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
धरने को कमाण्ड एवं अनकमाण्ड क्षेत्र के किसानों का लगातार सहयोग मिल रहा है। किसानों के समर्थन में पूर्व मंत्री श्रीमती गोलमा देवी भी आज धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार या प्रशासन से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है और वे स्वयं भी किसानों के साथ धरने पर बैठने को तैयार हैं। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की पालना सरकार करवाकर कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को पानी उपलब्ध कराये, जब तक नहरों मंे पानी नही आता तब तक मैं आप सभी के साथ धरने पर बैठी रहूंगी। सम्बोधन मंे बार-बार गोलमादेवी ने पानी खुलना चाहिए, पानी खुलना चाहिए, कहकर उत्साहवर्धन किया।
विधायक रामकेश मीना ने किसानों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचने के लिए गोलमा देवी का आभार व्यक्त किया तथा उनसे आग्रह किया कि वे डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को भी जल्द धरना स्थल पर भेजें ताकि किसानों का मनोबल और मजबूत हो तथा सरकार पर सकारात्मक पहल के लिए दबाव बने।
धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांववार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। 19 जून से 20 जून तक कुंसाय, मैड़ी, फुलवाड़ा एवं खोड़पुरा के ग्रामीणों ने धरना स्थल की समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। इन गांवों के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।
दिनांक 20 जून से 21 जून तक धरना स्थल की व्यवस्थाओं को संभालने की जिम्मेदारी ग्राम दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के किसानों की रहेगी। इन गांवों के किसान हजारों की संख्या में धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे तथा भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का संचालन करेंगे।
विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने उक्त सभी गांवों के किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए तथा कानून के दायरे में रहकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाए, जिससे आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे।