जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम के बैकवॉटर में हुए क्रूज हादसे अबतक 28 लोगों को बचाया जा चुका है, 9 के शव मिल चुके हैं। वहीं, लगभग 6 लोग लापता हैं।
हादसे के बाद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और एसडीईआरएफ, एनडीआरएफ के साथ अब भारतीय सेना की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए बरगी डैम पहुंची हैं। हैदराबाद से सेना व कोलकाता से पैरामिलिट्री की टीमें हेलीकॉप्टर से पहुंची हैं। क्रूज में तमिलनाडु का एक पूरा परिवार सवार था, जो जबलपुर के खमरिया क्षेत्र में रहता था और उनके कई परिजन तमिलनाडु से आए थे। हादसे में बची दिल्ली की पर्यटक ने बताया कि क्रूज तूफान के दौरान पानी घुसने से डूबा। जब क्रूज डूबने लगा तब लाइफ जैकेट बांटे गए। मृतकों की सही संख्या और कुल सवार लोगों की संख्या क्रूज के बाहर निकाले जाने के बाद पता चल सकती है।
क्रूज को ऊपर खींचा जा रहा है। तभी पता चल पाएगा कि क्रूज के अंदर से कुछ और लोगों के शव निकल सकते हैं। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉई फेडरेशन के संगठन मंत्री अर्णब दास गुप्ता ने बताया, हमारे साथी कामराज आर इस क्रूज में सवार थे। उनका परिवार तमिलनाडु से आया था। वे कुल 9 लोग थे, उनके सास-ससुर को छोड़कर सभी 7 लोग क्रूज में सवार थे। इसमें से 2 लोग बचे हैं। वहीं 2 लोगों के शव मिल चुके हैं। बाकी सभी लापता है।
मेडिकल कॉलेज जबलपुर पर मौजूद सीएसपी आशीष जैन के अनुसार कल हुए दुखद हादसे के बाद अबतक 9 बॉडी मेडिकल कॉलेज लाई जा चुकी है। इसमें से 8 महिलाएं हैं और 1 बच्ची है। 3-4 बॉडी का पोस्टमॉर्टम हो चुका है और लगातार जारी है. बदहवास परजिनों को कोई समस्या न हो हम इसका ध्यान रख रहे हैं।
घटनास्थल पर क्रूज के निचले हिस्से से निकाले गए कई मृतक लाइफ जैकेट पहने थे, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने अंतिम समय में लाइफ जैकेट पहनी और वे केबिन से बाहर नहीं निकल पाए।
एसडीईआरएफ होमगार्ड कमांडेट नीरज सिंह राजपूत ने कहा कि रात को अंधेरे और खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। यहां हालात बहुत खराब हैं। टीम ने मोर्चा संभाला हुआ है और सुबह से शवों को बाहर निकाला जा रहा है।
बरगी डैम के बैक वॉटर में उस समय माहौल और गमगीन हो गया जब रेस्क्यू टीम को दो शव आपस में चिपके मिले। ये दो शव मां-बेटे के हैं, जो घटना के दौरान एक दूसरे से लिपट गए थे। पानी में शव अकड़ने के बाद दोनों के शवों को एक साथ बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे ही शव बाहर निकले, उस मंजर को देख पुलिस, स्थानीय लोग और यहां तक की मीडियाकर्मी भी भावुक हो गए।