गहलोत का निशाना -भजनलाल शर्मा राजस्थान को बर्बाद कर देंगे

 

दोनों चुनाव आयुक्तों ने ही खोली मुख्य चुनाव आयुक्त की पोल, तत्काल बर्खास्त कर जेल भेजना चाहिए: अशोक गहलोत

राहुल गांधी जो बात लगातार उठा रहे थे, आज आयोग के अपने सदस्यों ने ही उसे सच साबित कर दिया

असम की तर्ज पर राजस्थान में एकतरफा परिसीमन, कांग्रेस समर्थक चार-चार वार्डों को एक और भाजपा समर्थक एक-एक वार्ड को दो-दो कर जीते निकाय चुनाव

-हरियाणा-यूपी पुलिस तक का इस्तेमाल किया गया, हॉर्स ट्रेडिंग और पार्षदों के परिवारों को धमकियां, सरकार के दबाव में अफसरों ने आईएएस-आईपीएस कैडर को किया कलंकित

-सभी वर्ग और विपक्षी दल मिलकर राजस्थान बंद का आह्वान करें

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दो चुनाव आयुक्तों द्वारा आयोग के फैसलों पर आपत्ति जताए जाने को देश के लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर जो संदेह पूरे देश को पहले से था, उसे अब आयोग के अपने ही सदस्यों ने उजागर कर दिया है। बंगाल और बिहार में जो कुछ हुआ और दिल्ली में जिस तानाशाही तरीके से आयोग चलाया गया, उसे राहुल गांधी लगातार उठाते आ रहे थे। आज वही बात सच साबित हुई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 हो, एसआईआर हो, वोट चोरी हो या चुनाव आयोग, राहुल गांधी ने हर मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर दो टूक बात की है और लोगों को विश्वास हो गया है कि वे सच बोलते हैं।

गहलोत ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूरी एनडीए सरकार के लिए बहुत बड़े शर्म की बात है कि उन्होंने ऐसे व्यक्ति का चयन किया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से बाहर करने के लिए नया कानून लाना ही बताता है कि इनकी मंशा पहले से क्या थी। उन्होंने कहा, “निष्पक्ष चुनाव समाप्त हो गए हैं, लोगों का विश्वास उठ गया है। लोग बैलेट पेपर से चुनाव की मांग कर रहे हैं, पर ये सुनना ही पसंद नहीं करते।” उन्होंने कहा कि ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई तो पहले से दबाव में थे, अब चुनाव आयोग भी इनका एक विभाग बनकर रह गया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए  गहलोत ने कहा, “इनको जेल की सलाखों के पीछे बंद करने की नौबत होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि कार्रवाई करेगा कौन, जब कार्रवाई करने वाले ही इसमें मिले हुए हैं। उन्होंने चेताया कि परिसीमन के जरिए संसद और विधानसभाओं की सीटें अपने हिसाब से तय करने और चीन, रूस व उत्तर कोरिया की तरह एक पार्टी के स्थायी शासन की तैयारी चल रही है। बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां विपक्ष के विधायकों और सांसदों को तोड़कर पक्ष और विपक्ष दोनों पर कब्जा कर लिया गया है।

राजस्थान के नगर निकाय चुनावों पर गहलोत ने कहा कि असम की तर्ज पर यहां भी एकतरफा परिसीमन किया गया। भाजपा को जो सूट किया, उसी हिसाब से कहीं चार-चार वार्डों को एक कर दिया गया तो कहीं एक वार्ड को दो में बांट दिया गया। इसी के दम पर ये चुनाव जीते हैं, जबकि जयपुर, जोधपुर समेत कई जगह वोटों की संख्या में कांग्रेस आगे है और कुल वोटों में केवल 0.94 प्रतिशत पीछे है।

निर्दलीय विधायक के लापता होने और पार्षदों को हरियाणा ले जाए जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि राजस्थान के इतिहास में चुनाव में पहली बार ऐसी हरकतें हुई हैं। हॉर्स ट्रेडिंग, पैसे बांटना, पार्षदों को उठाना, उनके परिवारों को धमकाना, मकान तोड़ने के नोटिस देना और दस-बीस साल पुराने केस खोलना, ऐसा कोई हथकंडा नहीं जो नहीं अपनाया गया। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस तक का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने सरकार के दबाव में यह सब किया, उन्होंने आईएएस और आईपीएस कैडर को कलंकित किया है। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मैं उन्हें भला आदमी समझता था, पर मैं सोच नहीं सकता था कि वे इस तरह के चुनाव करवाकर राजस्थान को बर्बाद कर देंगे। ऐसी जीत पर गर्व करना शर्मनाक है।”

गहलोत ने कहा कि हालात ऐसे हैं कि अब तक तो राजस्थान बंद हो जाना चाहिए था। व्यापारी वर्ग समेत सभी वर्गों और इंडिया गठबंधन से जुड़े सभी विपक्षी दलों को मिलकर राजस्थान बंद का आह्वान करना चाहिए। जोधपुर, जयपुर और कोटा को लेकर उन्होंने कहा कि 25 तारीख का इंतजार कीजिए।

अंत में उन्होंने युवा पीढ़ी से अपील करते हुए कहा कि देश का भविष्य उनका है और उन्हें समझना होगा कि लोकतंत्र के साथ क्या खेल हो रहा है। अब समय आ गया है कि युवा उठ खड़े हों और संदेश दें कि वे सब समझ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *