खाद की समस्या को लेकर नरेश मीणा का बड़ा आंदोलन, बारां कलेक्ट्रेट पर किसानों का सैलाब; आमरण अनशन पर बेठे ।
किसानों की समस्याओं के समाधान तक जारी रहेगा नरेश मीणा का आमरण अनशन, खाद की कालाबाजारी बंद करने और निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराने की मांग।
बारां। हाड़ौती में खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी बंद करने तथा किसानों को डीएपी एवं यूरिया निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किसान नेता नरेश मीणा की अगुवाई में शुक्रवार, 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन बड़ा किसान आंदोलन किया गया।
सुबह करीब 9 बजे झालावाड़ जिले के कामखेड़ा बालाजी से विशाल मोटरसाइकिल किसान यात्रा शुरू हुई। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, बड़ी संख्या में किसान मोटरसाइकिलों के साथ यात्रा में जुड़ते गए। दोपहर करीब 3 बजे किसान यात्रा बारां कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां हजारों किसानों की मौजूदगी में किसान सभा आयोजित हुई।
किसान नेता नरेश मीणा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बारां जिले सहित कोटा, बूंदी, झालावाड़ और संपूर्ण हाड़ौती में किसानों को खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। खाद की कालाबाजारी तत्काल बंद कर किसानों को डीएपी एवं यूरिया निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
नरेश मीणा ने स्थानीय प्रशासन से बातचीत के बजाय मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत कर किसानों की खाद संबंधी समस्या सहित हाड़ौती के किसानों की विभिन्न मांगों का समाधान करने की मांग रखी।
बारां कलेक्ट्रेट पर आयोजित किसान सभा के दौरान नरेश मीणा ने आगामी पंचायत राज चुनाव को लेकर पंचायत समिति प्रधान एवं जिला प्रमुख पद के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी की। उन्होंने उपस्थित किसानों से भाजपा और कांग्रेस के बजाय किसान वर्ग की राजनीति को मजबूत करने तथा तीसरे मोर्चे के प्रत्याशियों को समर्थन देने का आह्वान किया।
इस दौरान राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुड़ा ने भी किसानों को संबोधित किया। उन्होंने नरेश मीणा के नेतृत्व में चल रहे किसान संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि हाड़ौती सहित पूरे राजस्थान में किसानों के मुद्दों को लेकर संघर्ष को मजबूती देने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया।
आंदोलन के दौरान बारां जिले सहित हाड़ौती क्षेत्र से बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।