सभापति चुनाव से पहले निर्दलीय विधायक गिरफ्तार, हनुमानगढ़ में तनाव

हनुमानगढ़। यहां नगरपरिषद सभापति चुनाव में वोटिंग से ठीक पहले निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को 23 साल पुराने कथित फर्जी पट्टा मामले में सीआईडी-सीबी ने बीकानेर जाते समय गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने हनुमानगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया।
दरअसल एक दिन पहले सीआईडी-सीबी और पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने बीकानेर जाते समय हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को पहले हिरासत में लिया और फिर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में विधायक और उनकी पत्नी सहित अन्य लोगों के खिलाफ हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। नगरपरिषद के सभापति चुनाव से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से पूरे हनुमानगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सीआईडी-सीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतपाल सिंह ने विधायक और उनकी पत्नी को नोटिस देकर मामले में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। इसके बाद बीकानेर जाते समय टीम ने उन्हें हिरासत में लिया। रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ के बाद विधायक को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हनुमानगढ़ नगरपरिषद में सभापति पद के चुनाव की तैयारियां चल रही हैं।

यहां नगरपरिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा ने 15 और कांग्रेस ने 10 सीटें जीती हैं। विधायक समर्थित निर्दलीय पार्षदों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 32 से 34 का दावा किया जा रहा है। 21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव के लिए बंसल की ओर से मंजू रणवां को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है।
जिस मामले में बंसल की गिरफ्तारी की गई है,वह मामला वर्ष 2003 में जारी किए गए कथित फर्जी पट्टों और जमीन से जुड़े विवाद से संबंधित है। इस मामले में गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

विधायक को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों, निर्दलीय पार्षदों और व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। समर्थकों ने अग्रसेन भवन में सभा के बाद पैदल मार्च निकाला और जंक्शन पुलिस थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया। इसके बाद उपजिलाधिकारी रवि कुमार और पुलिस उपअधीक्षक मीनाक्षी सहारण ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने सभापति और उपसभापति चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने तथा किसी पार्षद को परेशान नहीं करने का आश्वासन दिया। इसके बाद समर्थकों ने थाने का घेराव समाप्त कर दिया।

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