जयपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मीडिया, आमजन और भामाशाहों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और मोबाइल और वीडियोग्राफी नहीं करने के आदेशों के बाद कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए आरोप लगाया कि स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं की पोल खुलने के डर से मीडिया और आमजन की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
डोटासरा ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि स्कूलों में मीडिया के साथ-साथ गांव के लोगों, भामाशाहों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जो जनप्रतिनिधि स्कूल में वार्षिक उत्सव में शामिल होते हैं, जन सहयोग करते हैं, उन्हें भी प्रवेश से रोका जाएगा। 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर स्कूल में होने वाले कार्यक्रमों की कवरेज के लिए मीडिया को पहले प्रिंसिपल से अनुमति लेनी होगी। किसे अनुमति मिलेगी और किसे नहीं इसका फैसला प्रिंसिपल पर निर्भर होगा।
डोटासरा ने कहा कि आखिर यह किस देश और प्रदेश की व्यवस्था है, जहां स्कूलों की वास्तविक स्थिति दिखाने के लिए भी पहले अनुमति लेनी पड़ेगी। डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए आदेशों का हथियार इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस को ऐसे आदेशों से डराया नहीं जा सकता है. हम स्कूल भी जाएंगे और बच्चों की वास्तविक स्थिति भी सामने लाएंगे। मीडिया भी अपनी भूमिका निभाएगा उसे कोई रोक नहीं सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों की हालत खराब है, भवन जर्जर है, शौचालय खराब है, बारिश के दौरान छात्रों से पानी टपकता है। बच्चों की किताबें समेत कई आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। सरकार को इन समस्याओं को दूर करना चाहिए न कि उनकी वीडियोग्राफी और मीडिया कवरेज पर रोक लगानी चाहिए। सरकार के इस आदेश को लेकर आम लोगों में आक्रोश है और आने वाले समय में सरकार को इस आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
डोटासरा ने कहा कि अमित शाह और नरेंद्र मोदी का जादू खत्म हो गया है। अगर देश के गृहमंत्री राजस्थान के दौरे पर आते हैं तो उन्हें कानून व्यवस्था पर बात करनी चाहिए। प्रदेश में महिलाओं और बच्चों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं, अपराध बढ़ रहे हैं, गैंगस्टर की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इन सब पर चर्चा करने की बजाय अमित शाह कांग्रेस के नेताओं के नाम ले रहे हैं। उनको कांग्रेस के नेताओं पर बोलने से पहले अपनी पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को देखना चाहिए।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस के सभी नेता एकजुट हैं और पूरी ताकत के साथ निकाय पंचायत चुनाव लड़ेंगे और जीत दर्ज करेंगे। सभी जिलों में निकाय पंचायत चुनाव के मद्देनजर पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटियों का गठन किया गया है। आज जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी और जिलों के विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों की बैठक की जा रही है। बैठक में राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की नाकामी और मोदी सरकार के कामकाज को लेकर भी चर्चा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि समय पर निकाय पंचायत चुनाव नहीं कराने से जनता के काम प्रभावित हुए। भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। कांग्रेस इन सभी मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। पार्टी ने आगामी चुनाव के लिए रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिलों में प्रभारी, ऑब्जर्वर और कोऑर्डिनेटर भेजे जाएंगे। यह नेता स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद करके संगठन को मजबूत करेंगे। पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि आगामी चुनाव में युवाओं को 50% टिकट देने की घोषणा हमने पहले ही कर रखी है। टिकट वितरण में योग्य और सक्रिय और पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि स्कूलों में वीडियोग्राफी पर रोक लगाने के आदेश को पढ़कर हंसी आ रही है। सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत बच्चों की सुरक्षा और निजता के अधिकार का हवाला देकर आदेश निकाला है, लेकिन सरकार को यह भी बताना चाहिए कि इस अधिकार के तहत बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी का भी अधिकार है। स्कूलों की बिल्डिंग की स्थिति जर्जर है. बच्चे अगर स्कूल की बिल्डिंग की वीडियो बना रहे हैं तो बच्चों पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है। स्कूलों में टॉयलेट की हालत खराब है, यह ऐसी डरपोक सरकार है जो मीडिया और आमजन पर रोक लगा रही है।
जूली ने कहा कि अभी तो जेन जी ने पांच प्रदर्शन किए हैं और सरकार पांच प्रदर्शन से ही घबरा गई है। इस आदेश के खिलाफ विधानसभा में आवाज उठाएंगे। सीकर में 5 साल की बच्ची के साथ गलत हुआ। गंगानगर में एक 13 साल की बच्ची के साथ 35 लोगों ने दुष्कर्म किया तब इनको पॉक्सो समझ में नहीं आया। आज जब स्कूलों की समस्याओं को लेकर बच्चे मुखर हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो डाल रहे हैं तो इनको दिक्कत हो रही है। इस सरकार का मानसिक दिवालियापन सामने आ चुका है।
उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर एक प्रदर्शन से ही इस सरकार की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वादा किया था कि पहले साल ही रिक्त पदों को भर देंगे, लेकिन ढाई साल बाद भी डेढ़ लाख से ज्यादा पद रिक्त हैं, जिन्हें नहीं भरा गया है। स्कूलों में नामांकन लगातार गिरता जा रहा है. 3768 स्कूल जर्जर घोषित हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी मरम्मत नहीं की गई है। हाईकोर्ट लगातार सरकार को फटकार लगा रहा है।