गहलोत बोले – डोटासरा से नाराजगी नहीं, कांग्रेस एकजुट होकर लड़ेगी और जीतेगी

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच मनमुटाव की खबरों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने इनकार करते हुए कहा है कि ऐसा कुछ नहीं है और हमारी कोई नाराजगी नहीं है।

 

जब मीडिया ने पूछा कि कल आपके यहां जो कार्यक्रम हुआ है, उसको लेकर क्या कोई गलत संकेत गए ? का जवाब देते हुए गहलोत बोले कि कोई गलत संकेत नहीं है। वो तो जो आदिवासी जो थे कार्यकर्ता वो आए थे, खाली मिलने के लिए आए थे। जॉइनिंग की बात कहीं नहीं थी।
मुझे कहा गया भाई वो जिद किए हुए हैं बच्चे, बीस – पच्चीस दिन से बात चल रही थी। मैं मना कर रहा था, यहां आने की जरूरत नहीं है। मैं खुद आऊंगा बांसवाड़ा मिल लेंगे बच्चों से। अब 500 किलोमीटर बस लेकर कोई आए तो मुझे अजीब लगता है और मैं हमेशा डिस्करेज करता हूं। कल की बात छोड़ दीजिए। जब कभी कोई मुझसे मिलने की बात करते हैं तो मैं मना करता हूं, इतनी दूर से क्यों आ रहे हो? मैं टूर प्रोग्राम बनाऊंगा, वहीं मिल लेंगे अपन।
पर इन लोगों ने जिद पकड़ ली कि नहीं, हमें तो मिलना ही है। तो जब मालवीय जी ने बार बार कहा तो फिर अल्टीमेटली मैंने कहा कि भई ठीक मिला दीजिए। तो मिलने मुझसे भी आए थे, तो मुझसे मिलना है तो मैंने भी कहा और उनके खुद ने भी टाइम ले लिया था पीसीसी से भी कि हम जाकर वहां भी आशीर्वाद लेंगे, मिल लेंगे अध्यक्ष जी से मिलेंगे और कोई बात थी ही नहीं। ना ज्वाइनिंग की थी, ना चर्चा हुई ज्वाइनिंग की और वो तो कार्यकर्ता थे। ज्वाइनिंग नेताओं की होती है। 500 कार्यकर्ता, 400 आए थे कल। जो आंकड़े बता रहे हैं अब 400 कार्यकर्ता क्या वो कार्यकर्ता तो उन्हें कब तो वो गए और कब वापस आए। तो ये तो क्या कार्यकर्ता गांव में होते हैं ना। अगर मान लो बाप पार्टी का मोह भंग हो रहा है, आ गए तो अच्छी बात है। वेलकम करना चाहिए सबको। इतनी सी बात है। बाकी तो मीडिया वाले जो है आप लोग, आप भी कम नहीं हो, कैसे आप किस प्रकार से माहौल बिगाड़ो, कैसे डराओ नेताओं को, उसमें भी कई मीडिया के हमारे साथी जो हमारे बड़े प्यारे हैं, उनकी बड़ी भूमिका होती है। भाई इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है।

गहलोत ने कहा कि हम सब एक हैं, एक होकर चलेंगे, एक होकर सरकार बनाएंगे और सरकार बननी निश्चित है राजस्थान में दिमाग के अंदर रखो। बाकी सब बातें छोड़ दो। कोई नाराजगी नहीं है, कोई नाराजगी ना अध्यक्ष जी को, ना मुझे है। अध्यक्ष जी क्या नाराजगी बताएंगे? कोई नाराजगी नहीं बताई उन्होंने। उनको तो जो महसूस हुआ, उन्होंने बता दी बात। पर मीडिया वाले बार- बार, बार- बार अगर आप ऐसे क्वेश्चन पूछोगे जो उनकी जानकारी में नहीं होगी बात को तो वो जवाब क्या देंगे? तो इस प्रकार का मैं समझता हूं। कोई बात नहीं, पूरी कांग्रेस एकजुट है और अभी मैं बार बार कह रहा हूं सुन लीजिए आप लोग देश को जरूरत कांग्रेस की है। कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में, खड़गे साहब के नेतृत्व में एकजुट है।

गहलोत ने कहा कि डेमोक्रेसी खतरे के अंदर मैं बार बार चेता रहा हूं पिछले छह महीने साल भर से वो हकीकत है। इसमें कोई आपस में मनमुटाव, झगड़ों का कोई स्थान होना ही नहीं चाहिए। सब मिलकर काम कैसे करें, यह हमारा ध्येय होना चाहिए। वो हमारा ध्येय है। उसी ध्येय से हम आगे बढ़ रहे हैं सब लोग और हम जानते हैं कि मीडिया वाले हमें क्वेश्चन क्या पूछेंगे। अब जब आपने सब कैमरे लगाए तो बाकी बातों में जानता हूं कि भूमिका आपकी है। बाकी तो आप लोग क्या पूछने वाले हो, क्यों पूछने वाले हो, मुझे मालूम था। तो इसलिए आप मुझसे , हम सब से एक्सपेक्ट मत करो कि हम कोई ऐसी बात बोलेंगे जिससे आपस में लड़ाई बढ़े यह बात है।
राजस्थान सरकार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां तो दिक्कतें ही दिक्कतें हैं चारों ओर। सरकार बनते ही ऐसा कभी इतिहास में नहीं हुआ कि दो चार महीने के अंदर ही लोग कहने लगे गवर्नेंस नहीं हो रही, शासन नहीं हो रहा। कुशासन चल रहा है और मैं बराबर आग्रह करता हूं मुख्यमंत्री जी से, वो इसे लेते आलोचना और हम चाहते हैं कि सुधार हो, जिससे कि पब्लिक को फायदा मिले। अगर सरकार इन्हीं को रहनी है मान लीजिए इनकी मेजॉरिटी है तो शासन तो यही करेंगे। मगर कुशासन होगा तो पब्लिक में काम नहीं होंगे।

गहलोत ने कहा कि आप कल्पना कीजिए कि क्या हालत बने, करप्शन की हदें पार हो गई। चाल, चेहरे, चरित्र एक्सपोज हो गए इनके पर उसके अलावा भी जिस प्रकार से पेमेंट नहीं हो रहे हैं कोई डिपार्टमेंट के अंदर तो फिर क्या हो रहा है? शिक्षा में, स्वास्थ्य सेवाएं तो चरमरा गई है। आप बताइए जिस प्रकार से शिक्षा की स्थिति बनी है, वो तो बड़ी अजीब सी बन गई है। स्कूलें बंद हो रही है, टीचर्स नहीं है और साथ में आपका यह स्वास्थ्य, RGHS का पता ही नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री बोले कि लोग खुद दुखी हो गए तो चारों ओर से आकर शिकायतें करते जो आप बात पूछ रहे थे हैं वही उसी बात। तो कहने का मतलब है कि हम बार बार कहते हैं मुख्यमंत्री जी को कि कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट, रेप अलग हो रहे हैं, डकैती अलग हो जाती है, फायरिंग करके मार देते हैं ज्वेलर्स को या किसी को। एक के बाद एक घटना, इतने सारे मुद्दे एक साथ हो गए हैं कि विपक्ष की पार्टी भी क्या क्या मुद्दा उठाए?
सरकार जब तक खुद आगे नहीं आएगी, पूरा मंत्रिमंडल जब तक उस ढंग से बिहेव नहीं करेगा, जनता के साथ में डिपार्टमेंट की पकड़ नहीं करेंगे, मजबूती से डिपार्टमेंट को कसेंगे नहीं वो, तो नीचे तक जो हालात होते हैं वो बदलेंगे नहीं और नुकसान क्या होगा पब्लिक का।
हमें चिंता पब्लिक की है। बाकी तो देखिए शासन तो आते जाते रहते हैं, उन्नीस बीस तो देखो हर शासन में होता है करप्शन तो यह मैं दावा नहीं कर सकता, लेकिन कांग्रेस शासन होते तब नहीं होता है, होता है, पूरे देश में होता है, सब जगह होता है। पर जो इस बार जो जिस रूप में हो रहा है ना तो आम जनता से पूछ लीजिए, मालूम पड़ेगा। स्थिति बड़ी नाजुक है। मैं चिंता कर रहा हूं कि वो ठीक होनी चाहिए।

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