नई दिल्ली। सीजेपी एक बार फिर केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर सकती है। दरअसल खबरों के अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 36 दिनों से चला आ रहा छात्र आंदोलन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कानूनी जंग की आशंका बढ़ गयी है। सीजेपी ने सरकार को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की चेतावनी दी, कहा- ऐसा न होने पर फिर से विरोध-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीजेपी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि वे लगातार सिब्बल के संपर्क में थे और उनसे कानूनी सलाह ले रहे थे। दास ने बताया कि जब 25 तारीख को आंदोलन वापस लिया गया, तभी उन्हें यह डर था कि आंदोलन शांत होते ही सरकार प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाना शुरू कर सकती है।
सौरव दास ने कहा, “यह आशंका बेहद गंभीर और सच के करीब है। इससे पहले भी बड़े आंदोलनों में यही तरीका देखा गया है, जहां विरोध प्रदर्शन खत्म होते ही चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर उन्हें झूठे मामलों में फंसा दिया जाता है।” उन्होंने साफ किया कि आंदोलन के पहले दिन से ही सभी छात्रों को कानूनी और मेडिकल मदद दी जा रही है। साथ ही देश भर के वकीलों से तालमेल बिठाया गया है ताकि किसी भी छात्र को कहीं भी कानूनी परेशानी न आए।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि अगर सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस नहीं लेती है तो फिर से विरोध करने पर मजबूर होना पड़ेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी की नेता रत्ना सिंह ने कहा कि असम, बिहार और पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एफआईआर दर्ज की गई हैं। सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता की शिकायतें दर्ज करने के लिए ‘साक्षी’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। कपिल सिब्बल ने छात्रों की सुरक्षा के लिए 1 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत मदद से एक ‘लीगल डिफेंस फंड’ बनाने की बात भी बतायी। उन्होंने वकीलों से अपील है कि वो झूठे मामलों से लड़ने में उनकी मदद करें।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में स्टूडेंट्स और दूसरे प्रोटेस्टर्स को अरेस्ट किए जाने की खबरों पर चिंता जताई और सेंटर से उनकी तुरंत रिहाई और FIR वापस लेने की अपील की थी।
X पर एक पोस्ट में, दास ने कहा, “युवाओं के लिए इस तरह का भरोसा तोड़ना बिल्कुल भी मंज़ूर नहीं होगा,” साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपना देशव्यापी प्रोटेस्ट तब वापस ले लिया जब भारत सरकार ने भरोसा दिलाया कि प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कोई सज़ा वाली कार्रवाई नहीं की जाएगी। हम स्टूडेंट्स और दूसरे प्रोटेस्टर्स को अलग-अलग स्टेट एजेंसियों, खासकर असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में टारगेट करने, हिरासत में लेने या अरेस्ट करने की कई रिपोर्ट्स से बहुत चिंतित हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना देशव्यापी प्रोटेस्ट तभी वापस लिया,जब भारत सरकार ने हमें भरोसा दिलाया कि BJP-शासित या NDA-शासित किसी भी राज्य में, अभी या भविष्य में, किसी भी प्रोटेस्टर के खिलाफ कोई सज़ा वाली कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसलिए इन राज्यों से आ रही रिपोर्ट्स बहुत चिंता की बात हैं।”