धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने आंदोलन वापस लिया

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े एंट्रेंस एग्जाम में से एक नीट पेपर लीक के आरोपों से शुरू हुआ मामला अब देश भर में एक बड़ा आंदोलन बन गया है, जिसमें देश के परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही, पारदर्शिता और सुधार की मांग की जा रही है। विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद सीजेपी ने भी अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है।

 

धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उन्होंने यह फैसला लिया है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने सरकार के साथ अपनी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद यह ऐलान किया।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। आंदोलनकारियों का कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम में वह नहीं मानेंगे। इससे पहले मामले में शुक्रवार को ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 अफसर बर्खास्त किए गए थे। इनमें से कुछ दागी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जा सकते हैं। बता दें कि, पेपर लीक के बाद से देश भर से कई छात्रों के सुसाइड किए जाने की खबरें प्राप्त हुईं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि कॉकरोच की जीत हुई। पार्टी पिछले 36 दिन से प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी प्रधान के इस्तीफे के लिए यहां भूख हड़ताल की।
अभिजीत दिपके ने अपने बयान में कहा…”…यह पहला विकेट है. हम यहां नहीं रुकेंगे… यह तो बस शुरुआत है। मैं सभी छात्रों, सभी वॉलंटियर्स को सलाम करता हूं जो पिछले 36 दिनों से यहां बैठे हैं…”

वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ तीसरे दौर की बातचीत की। बातचीत के बाद आशुतोष रांका ने कहा, सरकार ने 36 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद हमारी सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं। हम सभी से अपील करते हैं कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन स्थल से वापस चले जाएं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे शिक्षा प्रणाली को फिर से बनाने में एक बहुत बड़ा कदम है। राहुल गांधी ने कहा, “मैं हर एक स्टूडेंट, हर एक युवा को बधाई देना चाहता हूं जो सड़कों पर उतरे और लोकतंत्र के लिए लड़े, इस देश के भविष्य के लिए लड़े, और संविधान की रक्षा की। मुझे आप पर गर्व है. बहुत बढ़िया… मैं सरकार को याद दिला दूं… अभी भी दो मांगें बाकी हैं…”

3 मई को NEET-UG 2026 एग्जाम होने के बाद, छात्रों ने एंट्रेंस एग्जाम की ईमानदारी पर सवाल उठाए थे, क्योंकि उन पर आरोप लगे थे कि इसका प्रश्न पत्र लीक हुआ था। कुछ दिनों बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एग्जाम कैंसिल कर दिया और केंद्र ने जांच सीबीआई को सौंप दी, जिससे पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

इस आंदोलन को और हवा तब मिली जब एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके उपवास ने इस मुद्दे पर देश का ध्यान खींचा, जिससे कोर्ट को दखल देना पड़ा, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं और विरोध करने वाले प्रतिनिधियों और केंद्र के बीच बातचीत हुई।

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