जोधपुर। जिले में दो बहनों के दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बाद आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ गया है। खेड़ापा थाना क्षेत्र में मात्र दो माह के अंतराल में हुई इस घटना में पुलिस की कथित लापरवाही और देरी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे “बीजेपी सरकार और ध्वस्त कानून व्यवस्था द्वारा किया गया संस्थागत मर्डर” बताया। वहीं, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को पत्र लिखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पीडी नित्या ने खेड़ापा थानाधिकारी लाखाराम और भोपालगढ़ वृत्ताधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। एसपी ने स्वीकार किया कि पुलिस की ओर से कुछ कमियां रही हैं और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 20 मार्च को बड़ी बहन ने आत्महत्या कर ली थी। उस समय परिवार की ओर से किसी के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं की गई थी, इसलिए केवल मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसके बाद 11 अप्रैल को छोटी बहन ने थाने में लिखित शिकायत भेजी, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने बड़ी बहन के साथ पांच साल पहले दुष्कर्म किया था और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। करीब तीन साल पहले छोटी बहन के साथ भी यौन शोषण किया गया और उसे भी डराकर ब्लैकमेल किया जाने लगा। पुलिस ने इस पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 15 मई को छोटी बहन ने पानी की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या कर ली। उसने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। पुलिस उसे अस्पताल ले गई, लेकिन वह बच नहीं पाई। एसपी ने बताया कि भाई ने आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी महिपाल और गोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। छोटी बहन की रिपोर्ट में कुल 8 लोगों के नाम बताए गए थे। महिपाल के संपर्क में अन्य आरोपी भी सामने आए हैं। एएसपी सिकाउ रघुनाथ गर्ग मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों को मर्ज कर एक साथ जांच शुरू कर दी है। एसपी ने बताया कि शेष आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
11 अप्रैल को शिकायत मिलने के बावजूद वृत्ताधिकारी द्वारा त्वरित कार्रवाई न करने पर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दूसरी बहन की शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाता तो शायद वह मरने को मजबूर न होती। आत्महत्या के महज तीसरे दिन दो गिरफ्तारियां होना इस बात का संकेत है कि पहले भी कार्रवाई संभव थी। पुलिस प्रशासन ने अब सख्ती बरतते हुए लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चाधिकारियों की निगरानी में एएसपी स्तर की टीम काम कर रही है।