उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, कहकर रुखसत हुए बशीर साहब

भोपाल। उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाए। और दुश्मनी जम कर करो,लेकिन ये गुंजाइश रहे,जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों ,जैसे शेर गढ़ने वाले मशहूर शायर व पद्म श्री डॉ बशीर बद्र का इंतकाल हो गया। 91 बरस की उम्र…

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