काकामिगाहारा (जापान) । यहां चल रहे एशियाई खेलों में भारत की महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। मैच के दसवें मिनट में लालरेम्सियामी के गोल और पेनल्टी स्ट्रोक पर गोलकीपर सविता पूनिया के शानदार बचाव के दम पर भारतीय टीम ने गत चैम्पियन चीन को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण हासिल किया था।
पेरिस ओलंपिक में रजत पदक विजेता चीन के विरुद्ध भारत की लालरेम्सियामी ने दसवें मिनट में गोलकर टीम को बढ़त दी थी जो मैच समाप्त होने तक कायम रही। वहीं अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही लालरेम्सियामी ने गोल के दाहिने ओर मिली गेंद को सीधे गोलपोस्ट के अंदर भेज दिया।
वहीं दूसरे क्वार्टर में सविता ने अपने बायीं ओर डाइव लगाकर पेनल्टी स्ट्रोक को बचा लिया। इसके साथ ही चीन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। जबकि जापान ने शूटआउट में कोरिया को हराकर कांस्य पदक हासिल किया। एशियन गेम्स में शुक्रवार का दिन भारत के लिए बेहद खास रहा। आज भारत की झोली में कुल 6 गोल्ड मेडल आए। भारत ने आज 13 मेडल अपने नाम किए. मेडल टैली में भारत पांचवें स्थान पर आ गया है। भारत के कुल मेडल की संख्या अब 76 पहुंच गई है।